हाईप्रोफाइल सियासी ड्रामे के बाद चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रपति शासन झेल रहे पुडुचेरी के सियासी समीकरण फिलहाल अबूझ पहली बने हुए हैं। भाजपा ने चुनाव की घोषणा से ठीक पहले ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) और अन्नाद्रमुक के साथ मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
एआईएनआरसी को बीते चुनाव में कांग्रेस से महज दो फीसदी कम वोट मिले थे। राज्य में बड़ी आबादी तमिलों की है। भाजपा की योजना पुडुचेरी के जरिए तमिलनाडु की सियासत में पैठ बनाने की है। बीते चुनाव में भाजपा, अन्नाद्रमुक और एआईएनआरसी अलग-अलग चुनाव लड़ी थी। तब भाजपा को 2.4 फीसदी, अन्नाद्रमुक को 16.8 फीसदी और एआईएनआरसी को 28 फीसदी से अधिक वोट मिले थे। इन तीनों दलों के मतों को जोड़ दें, तो यह कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के कुल वोट से नौ फीसदी ज्यादा हैं।
बेदी बनाम नारायणसामी जंग की चर्चा
राज्य में सीएम नारायणसामी पूरे कार्यकाल में उपराज्यपाल किरण बेदी से जंग में उलझे रहे। जबरदस्त टकराव के बीच अचानक बेदी को पद से हटा दिया गया। भाजपा के दोनों सहयोगी भी चाहते थे कि बेदी को राज्य से हटाया जाए। हालांकि, कांग्रेस अब भी बेदी को मुद्दा बनाने की कोशिश में है।
बीते चुनाव में प्रदर्शन
पार्टी सीट मत प्रतिशत
कांग्रेस 15 30.60
एआईएनआरसी 8 28
अन्नाद्रमुक 4 17
द्रमुक 2 9
भाजपा 00 2.4