साल के आखिर में चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में से तीन में भाजपा की सरकार है। इसके बाद आम चुनाव होने हैं। भाजपा किसी भी सूरत में इन राज्यों में दोबारा सत्ता में लौटना चाहेगी। ऐसे में पार्टी बहुत सोच विचार कर उम्मीदवारों को टिकट देगी। इसके लिए भाजपा ने टिकट दावेदारों की बारीकी से छानबीन शुरू कर दी है।
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक प्रत्याशियों के चयन के लिए नए पैमाने तय किए गए हैं। हर संभावित उम्मीदवार का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है। इसके लिए सभी सीटों पर एक सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के लिए सवालों का एक फॉर्मेट भी भेजा गया है।
मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया जाए या नहीं? इस सवाल के लिए फॉर्मेट में एक हजार लोगों की राय लेनी होगी और इनमें से दो सौ लोगों के मोबाइल नंबर भी दर्ज किए जाएंगे। इस सूची की दोबारा जांच भी होगी। और आखिरकार इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही पार्टी यह निर्णय लेगी कि किसे टिकट दिया जाएगा।
तीन राज्यों में हो रहा सर्वे, गुजरात से पहुंचे 40 सेवानिवृत्त अधिकारी
उक्त सूत्रों ने बताया कि सर्वे का काम एसोसिएशन ऑफ बिलियन माइंड्स, शिवराज के सिपाही, शोध इंडिया फाउंडेशन कर रही है। इसके साथ-साथ महाराष्ट्र की एक टीम भी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सक्रिय है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात से 40 सेवानिवृत्त अधिकारियों की एक टीम भी मध्य प्रदेश में लगाई है जो अलग-अलग स्तरों पर फीडबैक ले रही है। खबरों के मुताबिक इन लोगों के बीच 'पेराडाइम शिफ्ट' जैसा एक शब्द भी जोर-शोर से चल रहा है। जिसका मतलब यह लगाया जा रहा है कि चुनाव को किसी विशेष मुद्दे की तरफ मोड़ा जा सकता है।