बारह ज्योतिर्लिंग में से एक नासिक के प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर एक बार फिर घमासान शुरू हो गया है। बुधवार को स्वराज्य संगठन की महिलाओं के समूह के साथ स्थानीय लोगों ने कथित रूप से दुर्व्यवहार किया।
यह घटना तब हुई जब महिलाओं का समूह मंदिर के गर्भगृह में जबरन प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने करीब 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर के गर्भगृह में सुबह 6 से 7 बजे के बीच कुछ नियम के साथ प्रवेश मिलता है। इसी समय पुणे की स्वराज महिला संगठन की महिलाएं मंदिर के गर्भगृह में जाने की कोशिश कर रही थीं।
संगठन की अध्यक्ष वनिता गुट्टे ने बताया कि गर्भगृह में प्रवेश के लिए वह अपनी महिला कार्यकर्ताओं के साथ सुबह पांच बजे से ही खड़ी थीं। उन्होंने इसके लिए वहां के ड्रेस कोड का भी पालन किया था।
बावजूद इसके कुछ स्थानीय पुजारी और महिलाएं कतार में आकर खड़ी हो गईं और उन्हें गर्भगृह में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया। वनिता का कहना है कि स्थानीय लोगों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और महिलाओं के साथ मारपीट की।
इस खबर के बाद शनि शिंगणापुर में महिलाओं को प्रवेश के लिए आंदोलन करने वाली भूमाता ब्रिग्रेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने कहा है कि वह बृहस्पतिवार को त्र्यंबकेश्वर जाएंगी।
त्र्यंबकेश्वर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर एच पी कोल्हे ने बताया कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के मामले में 200 लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
जिन लोगों के खिलाफ मामला है, उनमें त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष अनघ फड़के और पूर्व नगराध्यक्ष प्रशांत तुंगारे भी शामिल हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
त्र्यंबकेश्वर देवस्थान ट्रस्ट ने हाल ही में भगवान शिव मंदिर के गर्भगृह में महिलाओं को प्रतिदिन एक घंटे के लिए प्रवेश की अनुमति दी है। इसके लिए शर्त यह है कि गर्भगृह में प्रवेश करने वालों को सूती या फिर रेशम के वस्त्र पहने होंगे।