असम राइफल्स ने वन्य जीव तस्करों को दबोचा
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काश! कि वो बोल पाते...अगर बोल पाते तो वे धड़ाधड़ बयान दे रहे होते, कि इन जुबान वाले इनसानों ने उनके साथ कितनी ज्यादती की, कितना कष्ट दिया, कितना तड़पाया...वे बताते जुबान वालों की करतूत...कैसे उनकी जान पर बन आई थी। लेकिन हमेशा सीमा की रक्षा में तत्पर, मुस्तैद और सजग असम राइफल्स के जवानों ने तीन जुबान वालों को गिरफ्तार कर, कई वेजुबानों को बचाया। अब हर तरफ असम राइफल्स के जवानों की तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं, शाबाश! असम राइफल्स। जब्त किए गए वन्यजीवों की अनुमानित कीमत लगभग 1.31 करोड़ बताई गई है।
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विदेशी वन्यजीवों की तस्करी के मामले में कई गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि असम राइफल्स ने वन विभाग, चम्फाई के साथ समन्वय करके बुधवार को मिज़ोरम के ज़ोकहवथार क्षेत्र के जनरल एरिया क्रॉसिंग प्वाइंट फोर (रॉबर्ट काई) पर विदेशी वन्यजीवों की तस्करी को रोका और तीन म्यांमार नागरिकों को गिरफ्तार किया। उनसे कई वन्यजीवों का उद्धार किया।
असम राइफल्स की प्रवक्ता ने बताया कि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, असम राइफल्स ने वन विभाग के साथ मिलकर एक अभियान शुरू किया और तीन व्यक्तियों को म्यांमार से भारत में प्रवेश करते हुए पकड़ा, जो छिपे हुए कंटेनरों में जानवर ले जा रहे थे। स्वतंत्र गवाहों और वन अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए निरीक्षण से तीन पटागोनियन मारा, 24 अफ्रीकी स्पर्ड कछुए और एक एल्बिनो बर्मी पाइथन बरामद किया गया।
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वन्यजीवों की अनुमानित कीमत 1.31 करोड़ रुपये
जब्त किए गए वन्यजीवों की अनुमानित कीमत लगभग 1.31 करोड़ रुपये बताई गई है। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान थॉन्गसुंगमुन्ह, बियाकज़ापियांग और जीसी लालनुन्माविया के रूप में की गई है, जो सभी म्यांमार के खौमावी के निवासी हैं। बचाए गए वन्यजीवों के साथ गिरफ्तार व्यक्तियों को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए वन विभाग, चम्फाई को सौंप दिया गया।
प्रवक्ता ने कहा, असम राइफल्स भारत-म्यांमार सीमा पर अवैध वन्यजीव तस्करी को रोकने के लिए मौजूदा संरक्षण कानूनों के तहत प्रतिबद्ध है। अब हर ओर असम राइफल्स की इस बचाव अभियान की तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं, शाबाश! असम राइफल्स।