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असम : एनआरसी में दावों के लिये मिलने वाले फॉर्म में देरी से लोग नाखुश

Sat, 11 Aug 2018 06:37 PM IST
भाषा, गुवाहाटी
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असम में लोगों को राज्य के राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में दावों, आपत्तियों और सुधार के लिये फॉर्म नहीं मिल पाए हैं। इससे प्रक्रिया, मूल कार्यक्रम से कम से कम एक सप्ताह के लिये विलंबित हो गई है।

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एनआरसी सेवा केंद्र (एनएसके) ने कल लोगों को पूर्ण मसौदे में उनका नाम शामिल नहीं किये जाने के कारणों के बारे में बताना शुरू कर दिया था। यह कवायद हालांकि सात अगस्त से ही शुरू होने वाली थी।

इन केंद्रों को दावों, आपत्तियों और सुधारों के लिये फॉर्म वितरित करने थे और लोगों के नाम मसौदा एनआरसी में शामिल नहीं किये जाने के कारण बताने थे, लेकिन वहां पहुंचने पर लोगों को बिना फॉर्म के लौटना पड़ा।
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एनआरसी अधिकारियों ने उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। सूत्रों ने बताया कि फॉर्म अब 16 अगस्त से वितरित किये जाने की संभावना है। एनएसके 30 अगस्त से 28 सितंबर तक फॉर्म स्वीकार करेगी।

इसके बाद उसके सत्यापन और उसके निपटारे की प्रक्रिया शुरू होगी। एनआरसी को अद्यतन करने की मौजूदा प्रक्रिया सिर्फ उन लोगों के लिये सीमित है, जिन्होंने 31 अगस्त 2015 तक आवेदन किया था। दावे, आपत्तियां और सुधार भी सिर्फ उन्हीं लोगों के लिये हैं।

असम की पहली महिला मुख्यमंत्री सैयदा अनवरा तैमूर, पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के रिश्तेदारों समेत अन्य ने एनआरसी को अद्यतन करने के लिये आवेदन नहीं दिया था इसलिये उनके नाम मसौदा एनआरसी में शामिल नहीं हैं।

गत 30 जुलाई को प्रकाशित एनआरसी के दूसरे और अंतिम मसौदे में कुल 3 करोड़ 29 लाख 91 हजार 384 आवेदकों में से 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 लोगों के नाम ही शामिल किये गए थे।

उच्चतम न्यायालय ने अंतिम एनआरसी के प्रकाशन के लिये कोई समय-सीमा नहीं तय की है, लेकिन केंद्र ने 31 दिसंबर 2018 तक इसे अद्यतन करने के काम के लिये कुल 1220 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है।

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