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हिंसा: मिजोरम सरकार का गृह मंत्रालय से अपील, सीमा पर तैनात असम पुलिस को वापस जाने का दें निर्देश

Thu, 29 Jul 2021 08:04 PM IST
देव कश्यप एजेंसी, गुवाहाटी/सिलचर।

सार

  • 12 घंटे के बंद का किया गया था आह्वान, प्रदर्शनकारियों ने मिजोरम जाने वाले ट्रकों को रास्ते में रोका
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असम-मिजोरम सीमा पर हिंसा - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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मिजोरम से लगती सीमा पर सोमवार को हुई हिंसक झड़प में छह पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों की मौत के विरोध में बुधवार को असम के बराक घाटी के तीन जिलों में बंद का आह्वान किया गया था। बंद शांतिपूर्ण रहा लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सीमा पर हिंसा के भय से मिजोरम को नाकाबंदी का डर सता रहा है क्योंकि असम में प्रदर्शनकारियों ने पड़ोसी राज्य को जाने वाले ट्रकों को रास्ते में ही रोक दिया है।

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वहीं अब मिजोरम सरकार ने गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह असम सरकार को इस तरह की गतिविधियों से परहेज करने और आगे के संघर्ष से बचने के लिए अंतर-राज्यीय सीमा पर तैनात टुकड़ियों को वापस लेने के निर्देश जारी करे।
 
बता दें कि सोमवार को हुई झड़प के बाद दोनों राज्यों के पुलिस बल सीमा पर तैनात हैं। हालांकि अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि शांति बनाए रखने के मकसद पुलिस बलों को सीमा से 100 मीटर अंदर वापस लिया गया है। असम के बराक घाटी के तीन जिलों कछार, हैलाकांडी और करीमगंज में बुधवार को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया गया था। सुबह 5 बजे से शुरू बंद के दौरान सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकानें पूरी तरह से बंद रहे जबकि सड़कों पर भी कुछ ही वाहन नजर आए। हालांकि बंद से आपातकालीन सेवाएं को छूट दी गई थी। ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से अप्रभावित रहीं। 
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शांतिपूर्ण रहा बंद
बंद का आह्वान बराक डेमोक्रेटिक फ्रंट (बीडीएफ) ने किया था और इसका समर्थन एआईयूडीएफ समेत ज्यादातर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने किया था। बंद के दौरान कहीं से भी किसी तरह की हिंसा की खबर नहीं है। बीडीएफ के प्रमुख समन्वयक प्रदीप दत्ता राय ने कहा कि हमने बंद का आह्वान इसलिए किया था क्योंकि हमारे पुलिस जवान मारे गए और इस विवाद का स्थायी समाधान होना चाहिए क्योंकि हम और खूनखराबा नहीं चाहते हैं।  

मिजोरम को जाने वाली सड़कें ब्लॉक कीं
हैलाकांडी जिले में कई सामाजिक संगठनों ने मिजोरम को जाने वाली सड़कों को ब्लॉक कर दिया और पड़ोसी राज्य में सामान लेकर जाने वाले ट्रकों को रोकने के लिए अनिश्चितकालीन ‘आर्थिक नाकेबंदी’ शुरू की। 

दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों की दिल्ली में हुई बैठक
केंद्रीय गृहमंत्रालय के निर्देश पर असम और मिजोरम के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों की बैठक नई दिल्ली में हुई। इसमें सीमा विवाद, हिंसक झड़प व शांति बनाए रखने को लेकर चर्चा हुई।

जख्मी कछार के एसपी को एयरलिफ्ट कर मुंबई ले जाया गया 
इस बीच झड़प में बुरी तरह से घायल कछार के एसपी वैभव चंद्रकांत निंबालकर को बेहतर उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर मुंबई ले जाया गया है। यहां पर एक निजी अस्पताल में उनकी तीन घंटे तक सर्जरी चली। 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी निंबालकर महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं। उनकी बैचमेट व मुंबई पुलिस उपायुक्त एन अंबिका ने बताया कि निंबालकर की हालत स्थिर है। साथ ही तीन अन्य पुलिसकर्मियों को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। 

रमनदीप कौर को कछार का एसपी बनाया गया
इस बीच हैलाकांडी के एसपी रमनदीप कौर का तबादला कर कछार का नया एसपी नियुक्त किया गया है। वह वैभव चंद्रकांत निंबालकर की जगह लेंगे। जबकि कौर की जगह हैलाकांडी के एसपी का पदभार चिरांग पुलिस प्रमुख गौर उपाध्याय संभालेंगे। उपाध्याय की जगह प्रंजीत बोरा लेंगे जोकि अभी गुवाहाटी में ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त थे।

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