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Udaipur tailor killing: उदयपुर में दर्जी की हत्या का 'समर्थन' करने के आरोप में UAPA के तहत असम में एक व्यक्ति गिरफ्तार

Sat, 02 Jul 2022 04:01 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, हैलाकांडी (असम)

सार

असम के हैलाकांडी जिले के कतलीचेरा क्षेत्र निवासी समसुल लस्कर को सोशल मीडिया पोस्ट पर की गई टिप्पणी में दर्जी की हत्या का कथित तौर पर समर्थन करने के बाद गिरफ्तार किया गया। हैलाकांडी के भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष मिलन दास ने उसके खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई थी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिछले महीने राजस्थान के उदयपुर जिले में हुई एक दर्जी की नृशंस हत्या का समर्थन करने के आरोप में असम के हैलाकांडी जिले से एक व्यक्ति को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी पुलिस ने शुक्रवार को दी।

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जिले के कतलीचेरा क्षेत्र निवासी समसुल लस्कर को सोशल मीडिया पोस्ट पर की गई टिप्पणी में दर्जी की हत्या का कथित तौर पर समर्थन करने के बाद गिरफ्तार किया गया। हैलाकांडी के भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष मिलन दास ने उसके खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस ने कहा कि दास ने अपनी शिकायत में लस्कर पर अबू चौधरी नाम के एक व्यक्ति की पोस्ट पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया, जिसने कन्हैया लाल की हत्या में शामिल दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी। पुलिस ने गुरुवार को लस्कर को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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बता दें कि रियाज अख्तारी और गौस मोहम्मद के रूप में पहचाने जाने वाले दो लोगों ने कथित तौर पर कन्हैया लाल की 28 जून को उदयपुर में उनकी दुकान के भीतर दिनदहाड़े हत्या कर दी थी और ऑनलाइन वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था कि वे इस्लाम के अपमान का बदला ले रहे हैं। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। फिलहाल दोनों मुख्य आरोपी रियाज अख्तारी और गौस मोहम्मद को अजमेर की हाई सिक्योरिटी घूघरा जेल में रखा गया है। इस जेल में पहले से 82 हार्डकोर्ड अपराधियों को रखा गया है।

इस जेल में कैदियों को बैरक में बंद रखा जाता है। किसी भी कैदी को परिसर में घूमने तक की इजाजत नहीं होती है। बंद बैरक में इन अपराधियों को बिना लाइट के रहना पड़ता है। जानकारी के मुताबिक, दोनों को अलग-अलग रखा गया है। आरोपी 13 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसा माना जा रहा है कि एटीएस और एनआईए इन आरोपियों से पूछताछ करेगी। अजमेर की घूघरा जेल में बड़े अपराधियों को रखा जाता है। कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई को भी यहां रखा गया था।

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