रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी व्यक्ति सात सितंबर 2019 को पीड़िता को बरबालू लोअर प्राइमरी स्कूल ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
असम के दक्षिण सलमारा मनकाचर जिले की एक स्थानीय अदालत ने तीन साल पहले एक नाबालिग लड़की से बेरहमी के साथ दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति को सोमवार को 20 साल कैद की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया और जुर्माना अदा न करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दक्षिण सलमारा मनकाचर जिले के विशेष न्यायाधीश और जिला सत्र न्यायाधीश इम्दादुर रहमान ने 2019 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के आरोपी मुस्तफिजुर रहमान को 20 साल कैद की सजा सुनाई।
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रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी व्यक्ति सात सितंबर 2019 को पीड़िता को बरबालू लोअर प्राइमरी स्कूल ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पिता के बयान के आधार पर सुक्चर थाने में बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अधिवक्ता बिस्वजीत महंत ने बताया कि विशेष न्यायाधीश एवं जिला सत्र न्यायाधीश, दक्षिण सलमारा मनकाचर ने सोमवार को आरोपी मुस्तफिजुर रहमान के खिलाफ मामला संख्या 31/2021 के संबंध में फैसला सुनाया।
उन्होंने बताया कि आरोपी मुस्तफिजुर रहमान ने जब पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था उस वक्त पीड़िता की उम्र 18 साल से कम थी। इसलिए पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था और मामला जिला अदालत को भेज दिया गया था। इसके बाद अदालत ने आरोपी रहमान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (3), आर/डब्ल्यू की धारा 4 और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की उपधारा 2 के तहत आरोप तय किए। अदालत ने एक अन्य आरोपी के खिलाफ भी आईपीसी की धारा 294/506 के तहत आरोप तय किया।
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अधिवक्ता बिस्वजीत महंत ने कहा कि मामले में नौ गवाहों के परीक्षण के बाद, अदालत द्वारा वकीलों की दलीलें सुनी गईं। दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपी व्यक्ति को दोषी ठहराया और 20 साल कैद की सजा सुनाई, साथ ही उस पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में छह महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।