भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी को एक तीसरे वर्ष के एक छात्र का शव होस्टल के कमरे में मिलने से हड़कंप मच गया। उत्तर प्रदेश के रहने वाले 21 वर्षीय बिमलेश कुमार बी.टेक कम्प्यूटर साइंस के छात्र थे। उनका शव सोमवार सुबह ब्रह्मपुत्र हॉस्टल के कमरे में पाया गया। फिलहाल इसे आत्महत्या बताया जा रहा है। मौत के कारणों की पुष्टि के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत की खबर सुनाकर विद्यार्थियों में रोष फैल गया और देखते ही देखते विद्यार्थियों ने कैंपस में विरोध-प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही उत्तर प्रदेश के कानपुर की एक छात्रा की भी मौत हुई थी, जिसे आईआईटी प्रशासन ने खुदकुशी करार दी थी।
जानकारी के मुताबिक जैसे ही छात्रों को इसकी खबर मिली, वे कैंपस में एकत्रित हुए और आईआईटी प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया। 3000 से अधिक छात्र प्रशासनिक ब्लॉक के सामने जमा हो गए और "हमें न्याय चाहिए," "छात्र जीवन महत्वपूर्ण है," और "मानसिक स्वास्थ्य एक अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं" जैसे नारे लगाए। उन्होंने संस्थान की छात्र कल्याण के प्रति दृष्टिकोण के बारे में अपनी चिंताओं को उजागर करने वाले प्लेकार्ड भी थामे।
विरोध कर रहे छात्रों ने संस्थान की सख्त उपस्थिति नीतियों और अत्यधिक अकादमिक दबाव को कुमार को आत्महत्या की ओर ले जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लगातार ही रही मौत पर सवाल उठाए।
उल्लेखनीय है कि 9 अगस्त को, उत्तर प्रदेश की ही एक एम. टेक छात्रा सोमिया की भी आत्महत्या की घटना हुई थी, जिसका शव भी हॉस्टल के कमरे में पाया गया था। विरोध के जवाब में, आईआईटी गुवाहाटी ने छात्र कल्याण संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए कई उपायों की घोषणा की है। प्रशासन ने कुमार की मौत के चारों ओर की परिस्थितियों की जांच के लिए स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जांच शुरू की है। इसके अलावा भी आईआईटी गुवाहाटी ने कई कदम उठाए हैं।