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RG Kar Case: ममता बोलीं- पीड़ित परिजनों को पैसे की बात निराधार; BJP ने CM का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की

Mon, 09 Sep 2024 11:03 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

ममता बनर्जी ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों के विश्राम के लिए कोई कमरा नहीं था। महिला डॉक्टर को आराम करने के लिए सेमिनार हॉल में जाना पड़ता था। इसलिए हमने विश्राम कक्ष और शौचालय बनाने का फैसला किया था। उन्होंने पीड़िता के परिजनों से मिलकर पैसे देने की बात को भी बेबुनियाद करार दिया। भाजपा ने सीएम का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की है।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर की हत्या के बाद सेमिनार हॉल के पास निर्माण कार्य कराने को लेकर लगे आरोपों पर सीएम ममता बनर्जी ने जवाब दिया। उन्होंने निर्माण कार्य के जरिये सबूतों से छेड़छा़ करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निर्माण कार्य कराने का इरादा किसी को बचाने के लिए नहीं था। अस्पताल में निर्माण कार्य डॉक्टरों के लिए विश्राम कक्ष और शौचालय बनाने के लिए किया गया था।

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उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में विश्राम कक्ष न होने के कारण पीड़ित चिकित्सक को सेमिनार हॉल में आराम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि अस्पताल में विश्राम कक्ष बनाने के अलावा कोई और इरादा नहीं था। वहां डॉक्टरों के विश्राम के लिए कोई कमरा नहीं था। महिला डॉक्टर को आराम करने के लिए सेमिनार हॉल में जाना पड़ता था। इसलिए हमने विश्राम कक्ष और शौचालय बनाने का फैसला किया था। 

उन्होंने कहा कि बताया जा रहा है कि किसी को बचाने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ की गई, लेकिन हम ऐसा क्यों करेंगे? याद रखें कोई हमारा दोस्त या दुश्मन नहीं है। कानून अपना काम करेगा। राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ने कहा कि न तो कोई मुझसे जुड़ा हुआ है और न ही मैं किसी से जुड़ी हुई हूं। जब मैं किसी कुर्सी पर काम करती हूं, तो मुझे पता होता है कि उस पद का सम्मान कैसे करना है? उन्होंने कहा कि मैं अब लोगों को रुकने के लिए कहूंगी। आप लोगों ने झूठ बोलकर मेरा बहुत अपमान किया है। मगर सच को स्वीकार करने की कोशिश करें।
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ममता ने कहा कि उन्होंने 10 दिन पहले स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम को आरजी कर अस्पताल में रखरखाव के लिए कहा गया था। इसमें खाली जगहों को ढकना, प्रकाश की  व्यवस्था करना और जहां जरूरत हो, वहां शौचालय का निर्माण करना शामिल था। अस्पताल के तत्कालीन प्रधानाचार्य संदीप घोष ने 10 अगस्त को विश्राम कक्ष के निर्माण कार्य को मंजूरी दी थी। इस आदेश की प्रति प्रमुख सचिव, डीएमई, डीएचएस सहित विभिन्न अधिकारियों और राज्य लोक निर्माण विभाग को भेजी गई थी।

पीड़िता के परिजनों से पैसे की बात नहीं की: ममता
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने कभी भी जूनियर डॉक्टर के माता-पिता को पैसे देने की बात नहीं की। यह सब केंद्र सरकार और कुछ वामपंथी दलों की ओर से रची गई साजिश है। मैंने पीड़िता के माता-पिता से कहा था कि अगर वे अपनी बेटी की याद में कुछ करना चाहते हैं तो हमारी सरकार उनके साथ हैं। ममता ने कहा कि कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल सात दिन पहले खुद उनके पास इस्तीफा देने के लिए आए थे, लेकिन पूजा सामने है इसलिए मैंने उन्हें कुछ दिन धैर्य रखने को कहा था।

ममता का हो पॉलीग्राफ टेस्ट: भाजपा
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सवाल उठाया है कि मामले की एफआईआर दर्ज करने में 14 घंटे की देरी क्यों हुई? पुलिस रिकॉर्ड से पोस्टमार्टम चालान क्यों गायब है? क्या उस चालान से यह पता चल जाता कि ममता के चहेते कोलकाता पुलिस कमिश्नर और आरजी कर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष को बचाने की कोशिश हो रही थीं। उन्होंने ममता से सीएम पद से इस्तीफा देने और उनका व कोलकाता पुलिस कमिश्नर की पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की।

यह है मामला
आरजी कर अस्पताल के सेमिनार कक्ष में नौ अगस्त को प्रशिक्षु डॉक्टर का शव मिलने के बाद से घटना के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन हुए। पुलिस ने इस सिलसिले में अगले दिन कोलकाता पुलिस के नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार किया।टीएमसी सरकार और पश्चिम बंगाल पुलिस कठघरे में है। सुप्रीम कोर्ट से लगातार फटकार लग रही है। राज्य में हंगामा जारी है। वहीं, तनाव बढ़ता देख कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इससे पहले कोलकाता पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
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