अफस्पा कानून सेना को विशेष शक्तियां देता है।
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असम के कुछ और इलाकों से सशस्त्र बिल विशेषाधिकार कानून AFSPA से हटाया जा सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस आशय के संकेत दिए हैं।
सीएम सरमा ने कहा कि उनकी सरकार दो क्षेत्रों से यह कानून हटाने पर विचार कर रही है। सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून-1958 (AFSPA) को एक अक्तूबर को असम में छह माह के लिए बढ़ाया गया था। गड़बड़ी इलाके वाले क्षेत्रों के रूप में चिंहित किए गए तिनसुकिया, डिब्रगढ़, चराईदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ जिलों तथा बराक घाटी में कछार के उपखंड में इसे बढ़ाया गया है।
सरकार ने पूर्व में यह विवादित कानून पश्चिमी कार्बी आंगलांग जिले में स्थिति उल्लेखनीय रूप से सुधरने के बाद वापस ले लिया था। यह कानून सुरक्षा बलों को बिना किसी पूर्व वारंट के तलाशी अभियान चलाने और किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार देता है।
65 फीसदी हिस्सों से वापस लिया गया अफस्पा
सीएम हिमंत सरमा ने कहा कि असम और पूर्वोत्तर में शांति लौट आई है। आज राज्य के 65 फीसदी इलाकों से अफस्पा वापस ले लिया गया है। भविष्य में हम कछार के लखीपुर और पूरे कार्बी आंगलोंग जिले से इसे वापस लेने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अफस्पा के दायरे से दो और क्षेत्रों के हटने के बाद ऊपरी असम में केवल छह जिले ही इस कानून के दायरे में रहेंगे।