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Two Finger Test: रेप पीड़िताओं के लिए 'टू-फिंगर टेस्ट' दोबारा प्रताड़ना के बराबर, SC ने जताई नाराजगी

Mon, 31 Oct 2022 02:28 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बलात्कार के मामलों में टू-फिंगर टेस्ट करने वाले व्यक्ति कदाचार के दोषी होंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन सामग्री से इस टेस्ट को हटाने के भी निर्देश जारी किए। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दुष्कर्म पीड़िताओं के टू-फिंगर टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई है। एक मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा है कि टू फिंगर टेस्ट रेप पीड़िताओं के लिए दोबारा आघात है। कोर्ट ने कहा, बलात्कार के मामलों में टू-फिंगर टेस्ट करने वाले व्यक्ति कदाचार के दोषी होंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन सामग्री से इस टेस्ट को हटाने के भी निर्देश जारी किए। 

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टू फिंगर टेस्ट पितृसत्तात्मक सोच पर आधारित 
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि टू फिंगर टेस्ट इस पितृसत्तात्मक सोच पर आधारित है कि यौन रूप से सक्रिय महिला के साथ दुष्कर्म नहीं हो सकता। इस टेस्ट पर नाराजगी जाहिर करते हुए जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, पीड़ित के यौन इतिहास के साक्ष्य के लिए टू-फिंगर टेस्ट महत्वपूर्ण नहीं है। 

आरोपी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा 
एक मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपी को बरी करने के हाईकोर्ट के आदेश को पलट दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दरअसल, 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने टू-फिंगर टेस्ट को असंवैधानिक माना था। 

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