असम सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को अनुग्रह राशि देने का एलान किया है। इस बात की घोषणा सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को की। उन्होंने बताया कि 12 मई के बाद एक-एक कैबिनेट मंत्री प्रत्येक मृतक के परिजनों से मिलेंगे और शोक पत्र के साथ अनुग्रह राशि सौंपेंगे।
असम सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए सभी लोगों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि असम मंत्रिमंडल ने पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए सभी 26 लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने सोमवार देर रात तक छह घंटे तक कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस निर्णय की जानकारी मंगलवार को मीडिया को दी।
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शोक पत्र के साथ मिलेगा राशि
पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मैंने पहले ही पीड़ित के परिवारों को एक छोटी सी सहायता राशि देने की घोषणा की थी। असम मंत्रिमंडल ने सोमवार रात को सहायता देने की मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि 12 मई के बाद एक-एक कैबिनेट मंत्री प्रत्येक मृतक के परिजनों से मिलेंगे। इसके साथ ही वह मेरी ओर से शोक पत्र के साथ अनुग्रह राशि सौंपेंगे। बता दें कि अनुग्रह राशि 12 मई के बाद इसलिए दी जारी है क्यों की असम में दो चरणों के पंचायत चुनाव हो रहे हैं। चुनाव के नतीजे 11 मई को घोषित किए जाएंगे। 11 मई तक प्रदेश में आचार संहिता लागू रहेगी।
पहलगाम आतंकी हमले पर एक नजर
गौरतलब है कि बीते 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा हिंदू हो कहकर गोली मार दी। इसके बाद से पूरे भारत में पाकिस्तान से बदला लेने की मांग की जाने लगी। सरकार ने पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। इस आतंकी हमले में पाकिस्तान की लश्कर-ए- तैयब की मुखौटा संगठन रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है।
केंद्र सरकार का एक्शन
इस आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान और आतंकियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया। इसके तहतआतंकी को पनाह देने वाले पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। इसके साथ ही चेक पोस्ट अटारी को बंद करने का फैसला लिया। पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा छूट योजना के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं देना का फैसला लिया।