भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सीमा से सटे क्षेत्रों में जासूसी कॉल्स बढ़ गई है। जैसलमेर एसपी ने बताया कि फर्जी अधिकारी बनकर संवेदनशील जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है, जिसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। साथ ही लोगों को जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। जहां आतंकवादियों का पनाहगाह पाकिस्तान लगातार अपने नापाक इरादे दिखा रहा है। इसी बीच सीमा से सटे इलाकों में संदिग्ध जासूसी कॉल्स की संख्या में भी तेजी देखी जा रही है। मामले में जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर चौधरी ने बताया कि अज्ञात कॉलर्स सेना या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से संवेदनशील जानकारी निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
सुरक्षाबल लोगों को कर रहें जागरूक
कल होगा सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल
बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को 7 मई को सिविल डिफेंस की तैयारी के लिए मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत हवाई हमले की चेतावनी के सायरन, नागरिकों और छात्रों को सुरक्षा प्रशिक्षण, महत्वपूर्ण स्थलों की छिपाव व्यवस्था और निकासी योजनाओं का अभ्यास किया जाएगा।
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पहलगाम आतंकी हमला, एक नजर
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते मंगलवार 22 अप्रैल को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी।