कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने गुरुवार को आरोप लगाया कि असम के लोग पांच समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल न किए जाने के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने की बजाय पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर क्रूर हमला किया है। गोलकगंज में कोच-राजबोंगशी छात्रों पर हुए इस 'क्रूर हमले' की निंदा करते हुए गोगोई ने कहा कि छात्र 'शांतिपूर्वक' अनुसूचित जनजाति दर्जा देने की अपनी जायज मांग उठा रहे थे।
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, यह शर्मनाक घटना असम सरकार की मूलनिवासी समुदायों के अधिकारों और सम्मान के प्रति उपेक्षा को उजागर करती है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा की मूलनिवासी लोगों और युवाओं के प्रति उदासीनता सामने आई है। असम के युवाओं को सम्मान, संवाद और अवसर मिलना चाहिए, दबाव और उपेक्षा नहीं।
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लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान वादा किया था कि अहोम, मोरान, मटक, आदिवासी चाय जनजाति, चुटिया और कोच-राजबोंगशी समुदायों को छह महीने के भीतर अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलेगा। दस साल बीत गए, फिर भी वह वादा पूरा नहीं हुआ।
असम प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष रहे गोगोई ने कहा कि आज असम के लोग विरोध में आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय असम पुलिस ने गोलकगंज में कोच-राजबोंगशी छात्रों पर 'क्रूर हमला' किया। उन्होंने पोस्ट में कहा, अब गृह विभाग तुरंत मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा से हटाया जाना चाहिए। तिनसुकिया में भी हजारों मोरान समुदाय के लोग अपने एसटी दर्जे की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि असम के युवा सड़कों पर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि 13-14 सितंबर को राज्य के दौरे के दौरान कोई झूठा वादा न हो, बल्कि ऐसा कुछ हो जो ठोस कार्रवाई में बदले।
एसआईटी की रिपोर्ट में सामने आए गंभीर तथ्य: मुख्यमंत्री
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा ने कहा कि असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और उनके परिवार के कथित पाकिस्तानी संबंधों की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में गंभीर आरोप 'गहरी चिंता' का विषय हैं। उन्होंने कहा, मैं इस मामले को कैबिनेट में उठाऊंगा और अपने साथी मंत्रियों के साथ इस पर चर्चा करूंगा। उदलगुड़ी में बीटीसी चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
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शर्मा ने कहा कि वह बुधवार रात रिपोर्ट का एक हिस्सा देख चुके हैं और कांग्रेस सांसद और उनकी ब्रिटिश पत्नी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। उन्होंने कहा, रिपोर्ट की सामग्री जल्द ही कानूनी प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक की जाएगी। मैं मीडिया के साथ सिवाय गोपनीय जानकारियों के जितनी संभव हो सके जानकारी साझा करूंगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता डरे हुए हैं, लेकिन आखिरकार सच सामने आएगा। विशेष डीजीपी (सीआईडी) मुन्ना प्रसाद गुप्ता की अगुवाई में एसआईटी ने बुधवार शाम को मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपी।