असम में बाढ़ की स्थिति और खराब होती जा रही है। बाढ़ से राज्य के 22 जिलों में 3.40 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। मंगलवार तक राज्य के 21 जिलों में करीब 3.07 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे। हालांकि, इस साल बाढ़ की वजह से मौत के मामलों की संख्या 15 बनी हुई है।
3,40,937 लोग प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक, ब्रह्मपुत्र नदी धुबरी, गोलपाड़ा, गुवाहाटी, तेजपुर और नेमतीघाट के साथ-साथ दिसांग, बुरिडीहिंग और सुबनसिरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस वजह से 3,40,937 लोग प्रभावित हैं।
माजुली सबसे अधिक प्रभावित
जानकारी के मुताबिक, माजुली सबसे अधिक प्रभावित जिला है। यहां 65,035 लोगों बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके बाद गोलपाड़ा (58,439), मोरीगांव (44,181), विश्वनाथ (36,671), शिवसागर (28,669) और लखीमपुर (24,594) है। अब तक 1,308 लोगों ने 153 राहत शिविरों में शरण ले रखी है।
तटबंध क्षतिग्रस्त, सड़कें भी प्रभावित
वन विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, ओरांग राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य में 44 शिविरों में से 13 और पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में 10 शिविर जलमग्न हो गए हैं। दरांग और उदलगुड़ी जिलों में तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि दरांग, धुबरी, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप मेट्रो, करीमगंज, माजुली, मोरीगांव और उदलगुड़ी जिलों में 33 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।