Assam: पहलगाम आतंकी हमले पर विवादित बयान के मामले में असम के विधायक अमीनुल इस्लाम को कोर्ट ने चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर हमले की साजिश का आरोप लगाया, हालांकि, उनकी पार्टी ने उनके बयान से दूरी बना ली थी।
असम के ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायक अमीनुल इस्लाम को शुक्रवार को नागांव जिले की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पहलगाम आतंकी हमले पर टिप्पणी को अमीनुल इस्लाम को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था।
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एआईयूडीएफ विधायक ने क्या कहा था
विधायक ने दावा किया था कि पहलगाम में आतंकी हमला केंद्र सरकार की साजिश है। हालांकि, उनकी पार्टी के प्रमुख बदरूद्दीन अजमल ने इस्लाम के बयान के खुद को अलग कर लिया था। जबकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को ही कहा था कि जो भी असम की जमीन से पाकिस्तान का समर्थन करेगा, चाहे वह कितना ही बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, हम उसे नहीं बख्शेंगे।
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इस्लाम ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह 2018 के पुलवामा हमले के पीछे थे और अब वही लोग पहलगाम हमले में भी शामिल हैं। यह बयान उन्होंने अपने क्षेत्र में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों के लिए पार्टी उम्मीदवारों के प्रचार के दौरान दिया।
उन्होंने कहा था, मुझे लगता है कि पुलवामा हमले में, जिसमें 2018 में केंद्र सरकार की भूमिका थी। भाजपा ने पुलवामा हमले के मुद्दे पर 2019 के आम चुनावों में मतदाताओं का ध्रुवीकरण किया और चुनाव जीता। मैंने जांच की मांग की थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। मुझे विश्वास है कि जैसे पुलवामा में हुआ, वैसे ही नरेंद्र मोदी सरकार की पहलगाम हमले में भी भूमिका है। अगर सरकार सच सामने नहीं लाती है, तो हमें मानने के लिए बाध्य होना पड़ेगा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों इन दोनों हमलों के पीछे थे।
इसके अलावा, इस्लाम ने यह भी दावा किया था कि आतंकियों ने हमला करते समय पीड़ितों की पहचान की पुष्टि नहीं की थी और अंधेरे का फायदा उठाकर पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। जबकि उल्लेखनीय रूप से यह हमला दोपहर के समय हुआ था और घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। साथ ही, कई बचे हुए लोगों ने पुष्टि की है कि हमलावरों ने पीड़ितों का धर्म जानने के बाद उन पर हमला किया।