असम इन दिनों भयंकर बाढ़ से जूझ रहा है, एक रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ की स्थिति में सुधार तो हुआ है लेकिन 38000 लोग अब भी प्रभावित हैं। वहीं इसको लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें राज्य में बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी दी।
पीएम ने संभव मदद का दिया भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने सीएम सरमा को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं सीएम सरमा ने कहा कि मुझे दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य मिला। विज्ञप्ति के अनुसार, सरमा ने पीएम मोदी को असम में बाढ़ की ताजा स्थिति और बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए उपायों के बारे में जानकारी दी।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित
रिपोर्ट में कहा गया है कि बारपेटा, कामरूप, लखीमपुर और सोनितपुर जिलों में बाढ़ के कारण 37,700 से अधिक लोग प्रभावित हैं। सरकार द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है कि सबसे अधिक बारपेटा बाढ़ की चपेट में है जहां करीब 28,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं जबकि लखीमपुर में 9,000 और सोनितपुर में 400 लोग प्रभावित हैं। बुधवार तक बाढ़ के कारण राज्य के छह जिलों में लगभग 83,000 लोग प्रभावित थे।
253 गांव बाढ़ के पानी में अभी भी डूबे हुए हैं
बुलेटिन के मुताबिक सरकार कामरूप जिले में एक राहत शिविर चला रही है, जहां चार लोगों ने शरण ली हुई है, और दो जिलों में तीन राहत वितरण केंद्र संचालित कर रही है। एएसडीएमए ने कहा कि मौजूदा समय में राज्य के 253 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं और राज्य भर में 1,526.08 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
सड़कें, पुल पूरी तरह से ध्वस्त
कामरूप जिले में कई जगहों पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। जोरहाट, बारपेटा, कामरूप, गोलपारा, कोकराझार और उदलगुरी में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में कोई भी नदी खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही है। बाढ़ के कारण राज्य भर में 32,000 से अधिक पालतू जानवर भी प्रभावित हुए हैं।