असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने राजधानी दिल्ली में एक नए असम हाउस की आधारशिला रखी। राजधानी के द्वारका इलाके में बनने वाले नए असम हाउस को उन्होंने राज्य के मरीजों और छात्रों के लिए लाभदायक करार दिया। उन्होंने कहा कि ये राष्ट्रीय राजधानी में असम का तीसरा राज्य गेस्ट हाउस होगा। इसका निर्माण 18 महीने के भीतर पूरा हो जाएगा।
असम सरकार ने इसे लेकर एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है। इसमें बताया गया है कि नया असम हाउस 1,000 वर्ग मीटर के प्लॉट पर 21.66 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया जाएगा। साथ ही असम हाउस के नए परिसर में तीन बेसमेंट और प्लस चार फ्लोर होंगे। साथ ही इसमें एक वीवीआईपी सुईट, 18 गेस्ट रूम, 13 डॉर्मिटरी बेड, एक 2 बीएचके यूनिट और रेजिडेंट स्टाफ के लिए दो वन बीएचके यूनिट बनाई जाएगी। असम सरकार के बयान में यह भी बताया गया है कि इसमें एक कैफेटेरिया, एक स्वागत कक्ष और लाउंज, रसोई, आम शौचालय, कार पार्किंग, यात्री लिफ्ट और कार लिफ्ट जैसी सुविधाएं होंगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रमुख महानगरीय शहरों में कई भवनों का निर्माण कराया है। सरमा ने कहा कि राज्य सरकार ने कामाख्या मंदिर, बटाद्रवा थान, रंगघर, नामघर जैसी असम की सांस्कृतिक विरासत से संबंधित एक परियोजना के लिए मुंबई में भूमि का अधिग्रहण किया है।
असम के विकास के बारे में बोलते हुए मुखयमंत्री हिमंत ने कहा कि असम में आंदोलन और विरोध के दिन खत्म हो गए हैं और राज्य निर्माण के विभिन्न चरणों में सड़क, फ्लाईओवर और पुल जैसी कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने 24 मेडिकल कॉलेजों के निर्माण का निर्णय लिया है, जिनमें से 12 पहले ही पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि नया असम हाउस मरीजों और छात्रों की जरूरतों को पूरा करेगा, जबकि अन्य दो का इस्तेमाल अधिकारी करेंगे। बता दें कि असम से बड़ी संख्या में मरीज विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए लोग नियमित रूप से दिल्ली आते हैं। वहीं, बड़ी संख्या में राज्य के छात्र राजधानी दिल्ली के कॉलेजों और शिक्षा संस्थानों में पढ़ते हैं।
गौरतलब है कि पुराना असम हाउस और असम भवन चाणक्यपुरी में स्थित हैं। गोपीनाथ बोरदोलोई मार्ग पर पुराने असम हाउस का कुछ साल पहले पुनर्निर्माण किया गया था।