असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य में जिहादियों की मौजूदगी और उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर बात की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के कई नेता इस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन में हैं और वह हमारे साथ आना चाहते हैं।
सरमा ने कहा कि राज्यों के बीच जिहादियों के खिलाफ एकीकृत कार्रवाई की जा रही है। हमें जिहादियों की मौजूदगी को लेकर केंद्रीय एजेंसियों से इनपुट मिला है और हमने उस पर कार्रवाई की हैं। जांच अभी जारी है और मुझे विश्वास है कि जिहादियों के साथ गठजोड़ वाले और लोग सामने आएंगे।
'असम में कट्टरपंथियों ने की अपना बेस बनाने की कोशिश'
उन्होंने कहा कि अगर आप पिछले दशक को देखें तो कट्टरपंथियों ने असम में बेस बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं। इसमें उन्होंने अपने समर्थकों की मदद ली लेकिन असम पुलिस ने अभी तक इनके खिलाफ प्रभावशाली कार्रवाई की है। असम में कट्टरपंथी गतिविधियां बढ़ाने की कई कोशिशें हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते कुछ समय से हमारे सांस्कृतिक मूल्यों पर हमला हो रहा है। इसलिए अगर परीक्षाओं के समय में लाउडस्पीकर न बजाने की उचित मांग उठती है तो इसे मत बजाइए। एक सेक्युलर राज्य में, छात्रों या अन्य समुदायों को परेशान करने वाली चीज को बंद करना एक कर्तव्य है।
केंद्र से की है पीएफआई-सीएफआई पर प्रतिबंध की मांग
सरमा ने कहा कि हम यह देख रहे हैं कि क्या पीएफआई और सीएफआई कट्टरपंथियों व जिहादियों से जुड़े हुए हैं। मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता हूं, लेकिन हम केंद्र सरकार से पहले ही अनुरोध कर चुके हैं कि पीएफआई और सीएफआई पर उनकी कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए प्रतिबंध लगाया जाए।
उन्होंने आगे कहा कि असम कांग्रेस के लगभग सभी नेता मेरे करीबी हैं, इनमें रिपुन बोरा भी शामिल हैं। मैंने कांग्रेस में अपने जीवन के 22 बेहतरीन साल गुजारे हैं। इनमें से कई ऐसे नेता हैं जो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं और साथ चलना चाहते हैं, लेकिन आपको उनके लिए स्थान भी बनाना पड़ेगा।
'कांग्रेस का राज्य या केंद्र की राजनीति में कोई भविष्य नहीं'
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐसी स्थिति है जो बदल रही है, हम देखेंगे कि कुछ लोग हमारे पास आएंगे। जो लोग भाजपा में शामिल नहीं हो पा रहे वो भी कांग्रे छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि वे इस बात को समझ गए हैं कि अब कांग्रेस पार्टी का राज्य या केंद्र में कोई भविष्य नहीं है।
सरमा ने कहा कि यह एक तथ्य है कि 9-10 कांग्रेस विधायकों ने राज्यसभा में हमारे समर्थन में वोट किया है। कल को अगर फिर ऐसा कोई मौका आता है को आगे भी वह हमारे लिए ही मतदान करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैं नहीं जानता कि यह मित्रता है या फिर धोखा, लेकिन वह मेरे लिए मतदान करेंगे।