असम में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है। एक तरफ जहां कांग्रेस के एक मुस्लिम नेता ने मियां मुस्लिमों के लिए 48 सीटें आरक्षित करने की मांग से नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। तो वहीं अब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगातार सनसनी मचा दी। हिमंत बिस्वा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह 'मियां मुस्लिम' बहुल सीटों पर विधानसभा चुनाव की उम्मीदवारी के लिए 3-4 करोड़ रुपये ले रही है।
कांग्रेस का 'सिस्टम' पैसे पर आधारित: सीएम सरमा
मुख्यमंत्री ने इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन शुल्क लेने की कांग्रेस की प्रथा पर तंज कसते हुए दावा किया कि विपक्षी पार्टी का 'सिस्टम' पैसे पर आधारित है। सोनितपुर जिले में एक आधिकारिक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने आरोप लगाया, "'मिया-मुस्लिम' बहुल सीटों के लिए कांग्रेस अपने उम्मीदवारों से तीन से चार करोड़ रुपये लेगी। पिछले चुनावों में भी उसने इतनी ही रकम ली थी।"
25 सीटें 'मियां-मुस्लिम' बहुल
बता दें कि 'मियां' मूल रूप से असम में बंगाली बोलने वाले मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है, और गैर-बंगाली बोलने वाले लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी अप्रवासी मानते हैं। हाल के वर्षों में समुदाय के कार्यकर्ताओं ने विरोध के प्रतीक के तौर पर इस शब्द को अपनाना शुरू कर दिया है। 2023 में हुई परिसीमन प्रक्रिया के बाद 126 सदस्यीय असम विधानसभा में लगभग 25 सीटों को 'मियां-मुस्लिम' बहुल माना जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि कुछ उम्मीदवारों ने एडवांस भी दिया है। खबर लिखने तक विपक्षी पार्टी की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सरमा ने हर आवेदक से 50,000 रुपये का आवेदन शुल्क लेने के लिए भी कांग्रेस की आलोचना की। सरमा ने कहा, "पार्टी ने उन सीटों पर अपने सदस्यों को आवेदन शुल्क भी वापस नहीं किया, जहां पिछली बार विपक्षी सहयोगियों ने चुनाव लड़ा था। उनका सिस्टम पैसे पर आधारित है। लेकिन बीजेपी में, हम पार्टी टिकट के लिए आवेदन करने वाले अपने सदस्यों से कोई पैसा या शुल्क नहीं लेते हैं।"
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50,000 रुपये जमा करने होंगे
कांग्रेस ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की, जो इस साल मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि आवेदकों को बैंक ड्राफ्ट के जरिए 50,000 रुपये जमा करने होंगे। भरे हुए फॉर्म 5 से 20 जनवरी तक राज्य पार्टी मुख्यालय में जमा किए जाएंगे।
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