तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर से अपने चुनाव अभियान का आगाज करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ साठगांठ करके 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) प्रक्रिया के जरिए पश्चिम बंगाल के लोगों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास कर रही है ।
दिया 'अबकी बार, फिर जीतबे बांग्ला' नारा
बनर्जी ने 'अबार जीत बे बांग्ला' (बंगाल फिर जीतेगा) का नारा बुलंद करते हुए दावा किया कि राज्य की जनता आगामी चुनावों में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने और उन्हें 'विदाई' देने के लिए पूरी तरह तैयार है। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "भाजपा एसआईआर की आड़ में बंगाल के लोगों के अधिकारों को सीमित करना चाहती है, लेकिन जनता उन्हें करारा जवाब देगी। आज मैं बरुईपुर से इस महाअभियान की शुरुआत कर रहा हूं। कल मैं अलीपुरद्वार जाऊंगा और ममता बनर्जी के एक सिपाही के रूप में हर जिले में जाकर जमीनी लड़ाई लडूंगा।"
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चुनाव आयोग और अमित शाह को चेतावनी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए अभिषेक ने उन्हें 'वैनिश कुमार' (गायब करने वाला) करार दिया। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, "तैयार हो जाइए, टीएमसी दिल्ली की ओर बढ़ रही है, जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग (मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार) पानी में बह जाएंगे"।
सुवेंदु अधिकारी और 'हिंदुत्व' पर सवाल
अभिषेक बनर्जी ने विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार को बंगाल की ममता सरकार से बेहतर बताया था। अभिषेक ने कहा, "सुवेंदु अधिकारी कहते हैं कि यूनुस सरकार बंगाल से बेहतर शासन चला रही है, जबकि वहां (बांग्लादेश में) दीपू दास की हत्या कर दी गई। क्या यही भाजपा का हिंदुत्व है? उन्होंने कहा जो लोग रवींद्रनाथ टैगोर और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का अपमान करते हैं, वे भला बंगाल को क्या बचाएंगे?"
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मतदाता सूची में हेरफेर का लगाया आरोप
इससे पहले, 31 दिसंबर को अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की थी। बनर्जी ने आरोप लगाया था कि चुनावों में धांधली ईवीएम के जरिए नहीं, बल्कि मतदाता सूची में प्रशासनिक हेरफेर करके की जा रही है। उन्होंने हालिया विधानसभा चुनावों (महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार) में भाजपा की 88 प्रतिशत से अधिक 'स्ट्राइक रेट' (जीत दर) को अस्वाभाविक बताया। उन्होंने कहा कि यह महज संयोग नहीं हो सकता। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और राजद जैसे विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा कि वे समय रहते इस प्रणालीगत गड़बड़ी को पहचानने और चुनौती देने में विफल रहे।
अधीर रंजन चौधरी ने भी उठाए चात्रा पर सवाल
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की ‘अबार जीतबे बांग्ला’ यात्रा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा जनता को गुमराह करने का अभियान है, जबकि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी और मजदूरों के पलायन जैसे गंभीर मुद्दों को सत्ताधारी दल लगातार नजरअंदाज कर रहा है। अधीर चौधरी ने कहा कि राज्य में रोजगार के अवसर नहीं हैं और लाखों प्रवासी मजदूर देश के अलग-अलग हिस्सों में भटकने को मजबूर हैं।
दूसरे पैराग्राफ में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब बंगाल में नौकरियां नहीं हैं और लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, तब सत्ताधारी दल के नेता यात्रा निकालकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ जगह-जगह शिकायतें दर्ज होने के बाद अब उनके भतीजे को आगे कर दिया गया है, ताकि असली मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाया जा सके। अधीर चौधरी ने कहा कि जनता अब इन राजनीतिक अभियानों की सच्चाई समझ रही है और बेरोजगारी जैसे सवालों का जवाब चाहती है।
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