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असम: सीएम सरमा ने अल्पसंख्यक बुद्धिजीवियों से की चर्चा, जनसंख्या विस्फोट पर रहा जोर

Sun, 04 Jul 2021 08:31 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

असम में जल्द ही 'हम दो हमारे दो' की नीति लागू होने वाली है। राज्य में मुसलमानों की बढ़ती आबादी को देखते हुए भाजपा सरकार नीति लागू करने की योजना बना रही है। सीएम हेमंत सरमा अलाप-आलोचना कार्यक्रम में शामिल होकर बुद्धिजीवियों से नीति बनाने पर चर्चा की।
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असम में अलाप आलोचना कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : ANI
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विस्तार
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असम में मुस्लिमों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, राज्य में 25 फीसदी से ज्यादा अल्पसंख्यकों की जनसंख्या बढ़ी है। बढ़ती आबादी को लेकर भाजपा सरकार चिंतित है। दो बच्चों की नीति लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा लगातार बुद्धिजीवियों और नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इसी कड़ी में अलाप-अलोचना कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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मुख्यमंत्रकी सरमा बुद्धिजीवियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आयोजित संवाद सत्र 'अलाप-अलोचना एम्पावरिंग द रिलिजियस माइनॉरिटीज' में शामिल हुए। यहां मुख्यमंत्री ने राज्य में दो बच्चों की नीति को लेकर अल्पसंख्यक धार्मिक नेताओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यकों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में इस समुदाय के हित पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
 


मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद कहा कि असम के धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के 150 से अधिक बुद्धिजीवियों, लेखकों, चिकित्सकों, प्रवक्ताओं, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, इतिहासकारों और संगीतकारों के साथ इन समुदायों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। खास तौर पर असमी अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर वार्ता हुई। 

उन्होंने कहा कि बैठक में जोर दिया गया कि भारतीय असमी मुसलमानों की विशिष्टता की सुरक्षा की जानी चाहिए। हालांकि, इस बात पर भी सहमति जताई गई कि राज्य के कई इलाकों में जनसंख्या विस्फोट प्रदेश के विकास के सामने गंभीर खतरा बनकर सामने आया है, खास तौर पर आर्थिक मानों में स्थिति गंभीर हो रही है।

विकास के लिए जनसंख्या विस्फोट रोकना जरूरी
सरमा ने कहा कि अगर हमें देश के शीर्ष पांच राज्यों में असम को पहुंचाना है तो हमें यहां जनसंख्या विस्फोट को रोकना होगा। यह लक्ष्य पाने के लिए जोर दिया गया कि आठ उप समूहों का गठन होगा। ये समूह स्वास्थ्य, शिक्षा, जनसंख्या स्थायित्व, सांस्कृतिक पहचान, वित्त, महिला सशक्ति करण और कौशल विकास पर काम करेंगे।

अगली बैठक अप्रवासी मुस्लिम समुदाय के साथ
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि उप समूहों में सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। तीन महीनों के बाद हम एक बार फिर यहां होंगे और अगले पांच साल के लिए रोडमैप तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि अगली बैठक अप्रवासी मुस्लिम समुदाय के साथ आयोजित की जाएगी। अगले दो से तीन महीनों में बैठकों की एक श्रृंखला होगी।

उन्होंने कहा कि अगले दौर की बैठकों में अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित राजनीतिक नेता और छात्र संगठन शामिल होंगे। उन्होंने कहा, ‘अगले कुछ दिन में, मैं प्रवासी मुसलमानों या उन मुसलमानों के साथ बैठक करूंगा, जिनका मूल पूर्वी बंगाल से है। दोनों मुस्लिम समुदायों के बीच विशिष्ट सांस्कृतिक अंतर है और हम उसका सम्मान करते हैं।’

दो बच्चे पैदा करने वालों को दिया जाएगा फायदा
असम में मुसलमानों की आबादी 30 फीसद से ज्यादा है। 2001 की जनगणना के अनुसार, असम में हिंदू आबादी पिछले दशक में 16% की दर से बढ़ी और 2011 की जनगणना में 10 फीसद तक गिर गई। मुस्लिम आबादी में 29 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार ने एलान किया था कि दो बच्चे पैदा करने वालोंको खास योजनाओं में लाभ दिया जाएगा।

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बीते दिनों सरमा ने कहा था कि सरकार अल्पसंख्यकों की आबादी की वृद्धि कम करने के लिए नीतिगत कदम उठाएगी, जिसका लक्ष्य गरीबी और निरक्षरता का उन्मूलन करना है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारी माताओं और बहनों की भलाई के लिए है और इससे भी ऊपर समुदाय के कल्याण के लिए है। 

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