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Assam Bypoll: चुनाव आयोग ने लिया असम में उपचुनाव से पहले हुई हिंसा का संज्ञान, दो पुलिस अफसरों का तबादला

Mon, 11 Nov 2024 03:58 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

भाजपा ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर धुबरी से कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन को सामागुरी सीट पर प्रचार से रोकने की अपील की है। इस मामले में हुसैन के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दी गई है
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असम भाजपा ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी। - फोटो : ANI
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विस्तार
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असम में नगांव जिले में आने वाली सामागुरी विधानसभा सीट पर 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव से पहले हिंसा की घटनाओं के बाद चुनाव आयोग ने प्रशासन पर कार्रवाई की। ईसी ने यहां दो पुलिस अधिकारियों के तबादले के आदेश दिए हैं। बताया गया है कि नगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) पार्था प्रतिम सैकिया और कालीबड़ संभाग के पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) रूपज्योति दत्ता को जिले से बाहर ट्रांसफर किया है। 
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चुनाव आयोग ने जयंत बरुआ को जिले का नया एसपी (क्राइम) और श्यामंत सरमा को एसडीपीओ पद पर नियुक्त किया है। 

कांग्रेस सांसद की ओर से चुनाव प्रचार पर रोक लगाने की मांग की
इस बीच भाजपा ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर धुबरी से कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन को सामागुरी सीट पर प्रचार से रोकने की अपील की है। इस मामले में हुसैन के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दी गई है। रकीबुल हुसैन पिछले 23 साल से सामागुरी विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस साल लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने इस सीट को खाली कर दिया था। अब उनका बेटा तंजील कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से उपचुनाव लड़ रहा है। भाजपा ने इस सीट पर दिपलू रंजन शर्मा को मौका दिया है, जो कि पार्टी के महासचिव रह चुके हैं और भाजपा की युवा इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 
चुनाव आयोग को लिखी गई चिट्ठी में भाजपा ने कहा है कि हुसैन की इलाके में मौजूदगी ने हिंसा को भड़काया। पार्टी ने हुसैन को इस विधानसभा क्षेत्र में प्रचार से प्रतिबंधित करने की मांग की। असम के मंत्री बिमल बोरा ने चुनाव आयोग को चिट्ठी भेजने के बाद कहा कि अगर सांसद हुसैन को क्षेत्र में घूमने दिया गया तो चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं हो पाएंगे।
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क्या है मामला, जिस पर उपचुनाव से पहले हुआ बवाल?
भाजपा और कांग्रेस ने असम के नगांव में 9-10 नवंबर को हुई हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के घर से सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक जीतू गोस्वामी के वाहन पर गोली चलाई गई। वाहन में गोस्वामी और भाजपा नेता सुरेश बोरा यात्रा कर रहे थे। हालांकि, घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ। इस मामले में जीतू गोस्वामी की तरफ से शिकायत भी दी गई है। उन्होंने इस मामले में हुसैन समेत 15 कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। गोस्वामी ने कहा कि यह सब हुसैन की मौजूदगी में हुआ। 

कांग्रेस ने भी लगाए हैं हमले के आरोप
दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के पूर्व आंचलिक पंचायत सदस्य इस्माइल हुसैन के बेटे इमामुद्दीन पर गोली चलाई, जिससे उन्हें पैर में चोट आई है। कांग्रेस का कहना है कि घायल इमामुद्दीन को एक नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपों की पुष्टि की जा रही है।
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