बता दें कि असम के दूसरे चरण में चुनाव में भाजपा की साख दांव पर है। इसके अलावा पार्टी के दिग्गज नेता भी अपनी सीट बचाने में जुटे हुए हैं। दरअसल, भाजपा ने वर्तमान मंत्रियों परीमल सुकलावैद्य को ढोलाई, भावेश करलिता को रांगिया, पिजुष हजारिका को जागीरोड और विधानसभा उपाध्यक्ष अमिनुल हक लस्कर को सोनाई से मैदान में उतारा है। इनके अलावा दिगंत कालिता कमलापुर से, रमाकांत देवरी मोरीगांव से, जीतु गोस्वामी ब्रह्मपुर से, मिहिर कांती शोम उधारबोंड से, गौतम रॉय काटीगोड़ा से, नंदिता गारसोला हाफलांग से और जयंत मल्ला बरुआ नलबाड़ी से किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, एजेपी के अजीज अहमद खान करीमजंग दक्षिण से चुनाव लड़ रहे हैं तो भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी का साथ छोड़ने वाले विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष दिलीप कुमार पॉल सिलचर से निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं।
बता दें कि असम में एक अप्रैल को राताबाड़ी (एससी), करीमगंज, पाथरकांडी, करीमगंज नॉर्थ, करीमगंज साउथ, बदरपुर, हैलाकांडी, कतलीचेरा, अलगापुर, सिलचर आचर, सोनाई, ढोलाई (एससी), उधरबांध, लखीपुर, बारखोला, काटीगोड़ा, हाफलोंग (एसटी), बोकाजन (एसटी), होवराघाट (एसटी), दीफू (एसटी), बेठालांगसो (एसटी), कमालपुर, रांगिया, नालबारी, पेनेरी, माजबाट, उडलगुड़ी (एसटी), माजबाट, कलाईगांव डारंग, सिपाझार, मांगलडोई (एसटी), डलगांव, जागीरोड (एससी), मारीगांव, लहरीघाट, राहा (एसटी) नगांव, नवगोंग, बरहमपुर, जमुनामुख होजाई, होजाई और लुमडिंग विधानसभा सीटों पर मतदान होगा।
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे चरण में ताल ठोकने वाले 345 में से 37 (11 फीसदी) उम्मीदवारों ने खुद पर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें नौ फीसदी यानी 30 उम्मीदवारों ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इन दागी उम्मीदवारों में भाजपा उम्मीदवारों की संख्या सबसे ज्यादा 11 है। वहीं, कांग्रेस के 28 में से पांच, एआईयूडीएफ के सात में पांच, एजेपी के 19 में से तीन उम्मीदवार दागी हैं। अगर करोड़पति उम्मीदवारों की बात करें तो कुल 73 उम्मीदवार करोड़पति हैं। दूसरे चरण में ताल ठोक रहे उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 2.19 करोड़ रुपये है। इनमें भाजपा के 19, कांग्रेस के 18, एजेपी के 6 उम्मीदवार करोड़पति हैं।
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, असम में दूसरे चरण में जिन 39 सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनके लिए कुल 345 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें महिला उम्मीदवारों की संख्या महज 26 है। यानी कि महज 8 फीसदी महिलाओं पर ही राजनीतिक दलों ने भरोसा जताया है। अगर उम्र के हिसाब से देखें तो दूसरे चरण में कुल 33 फीसदी यानी 113 ऐसे उम्मीदवारों को मौका दिया गया है, जिनकी उम्र 25 से 40 साल के बीच है। वहीं, 53 फीसदी यानी 182 प्रत्याशियों की उम्र 41 से 60 है। इसके अलावा 49 प्रत्याशी 61 से 80 साल के हैं, जबकि एक उम्मीदवार 82 साल का है।