असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद लंबे समय से जारी है। सीमा विवाद पर सामाधान खोजने के लिए असम और मेघालय के दो मंत्रियों ने एक बैठक की। बैठक में तय हुआ कि दोनों मंत्री अगले महीने विवादित लांगपिह क्षेत्र के गांवों का दौरा करेंगे। बता दें, लांगपिह, शिलांग से 100 किमी दूर है। लैंगपिह असम के कामरूप जिले और मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स जिले के बीच स्थित है।
यह है पूरा मामला
बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति के अनुसार, असम के मंत्री चंद्र मोहन पटोवारी और मेघालय के पॉल लिंगदोह ने शिलांग में द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद, पटोवारी ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि विवादित सीमा विवाद को सीमित किया जा रहा है। दोनों राज्यों के विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद सितंबर के अंत में दोनों मंत्री विवादित जिले का दौरा करेंगे। इस दौरान जनता से राय ली जाएगी और एक समाधान निकाला जाएगा। पटोवारी का दावा है कि जल्द ही विवाद सुलझा लिया जाएगा। वहीं, लिंगदोह ने बताया कि लांगपिह क्षेत्र में सिर्फ कुछ ही गांव विवादित हैं। हम चार से पांच गांवों की जरूरतों को सुलझाने की कोशिश करेंगे और एक केंद्रीय बिंदु का चयन किया जाएगा। जब तक हम विवादित गांवों का दौरा कर लोगों से बात नहीं कर लेते, तबतक इस बारे में कुछ अधिक बता पाना मुश्किल है।
छह गांव के मुद्दे का किया निपटान
जानकारी के अनुसार, अगस्त 2021 में सीमा विवाद को सुलझाने के लिए तीन क्षेत्रीय समितियां स्थापित की गई थीं। क्षेत्रीय समितियों ने अपनी-अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कीं, जिन्हें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सौंप दिया गया था। इसके बाद 12 में से छह क्षेत्रों के विवादों को सुलझाने के लिए 29 मार्च, 2022 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। पहले चरण में विवादित क्षेत्र का 36.79 वर्ग किमी हिस्सा निपटान के लिए लिया गया, जिसमें असम को 18.51 वर्ग किमी और मेघालय को 18.28 वर्ग किमी भूमि पर नियंत्रण मिला। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने शेष छह मुद्दों को हल करने के लिए 24 मई को आखिरी बार मुलाकात की थी।