असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के पहले मसौदे के प्रकाशन के बाद उसमें अपना नाम देखने के लिए राज्य के विभिन्न सेवा केंद्रों में सोमवार सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार आधी रात के समय इस मसौदे के जारी होने के बाद से ही राज्य में हालात तनावपूर्ण हैं। हालांकि प्रशासन व सरकार को पहले से ही इसका अंदाजा था। इसी वजह से
सुरक्षा बलों व सेना को अलर्ट कर दिया गया था।
इस मसौदे में जिनके नाम नहीं हैं उन लोगों में भारी आतंक फैल गया है। उनको डर है कि कहीं उनको
बांग्लादेशी करार देकर सीमा पार नहीं खदेड़ दिया जाए। इस बीच, इस सूची में नाम नहीं होने की वजह से राज्य के कछार जिले में एक व्यक्ति ने अपने गले में फांसी का फंदा डाल कर आत्महत्या कर ली।
पढ़ें- पहली बार बांग्लादेश की धरती से विद्रोहियों के ठिकाने पूरी तरह से साफ: BSF
हालांकि अभी ऐसे कम से कम दो और मसौदे जारी होने हैं। इस बीच मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने राज्य के लोगों से आतंकित नहीं होने को कहा है। उन्होंने भरोसा दिया है कि किसी भी असली नागरिक को राज्य से निकाला नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी यह कवायद जारी रहेगी। इसलिए पहली सूची में जिनके नाम नहीं हैं उनको आतंकित होने की जरूरत नहीं है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेश की सीमा से लगे कछार जिले के सिलचर में हनीफ कान (40) नामक एक व्यक्ति ने मसौदे में अपना नाम नहीं पाकर आज गले में फंदा डाल कर आत्महत्या कर ली। उसकी पत्नी रकसा खान ने बताया कि एनआरसी के मुद्दे पर उसके पति बीते कुछ महीनों से भारी तनाव में थे। वह कल रात से ही घर से गायब था।