असम के कारबी आंग्लालांग में एक पिकनिक की जगह से लौटते समय गांव वालों ने बच्चा चोर होने के संदेह में दो युवकों की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। सोशल मीडिया पर इस पिटाई का वीडियो भी वायरल हो गया था। इन युवकों के नाम अभिजीत नाथ (30) और नीलोतपल दास (29) हैं। नाथ ने साल 2004 में गुवाहाटी के लिटिल फ्लावर स्कूल से दसवीं पास की थी। उसके दोस्तों का कहना है कि वह एक शर्मीला और बेहद कम बोलने वाला लड़का था।
जैसे ही उसकी मौत की खबर और पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया नाथ के दोस्त काफी परेशान हो गए। उनका कहना है कि जिस लड़के ने कभी किसी मक्खी तक को दुख नहीं पहुंचाया वह कैसे
बच्चा चुरा सकता है। अभिजीत अपने घर से शुक्रवार की सुबह कुछ मछलियों की तलाश में निकला था तभी लगभग 200 लोगों की भीड़ ने उसे बांस की छड़ों से पीट-पीटकर मार दिया। नाथ की बहन नम्रता शहरिया दास ने बताया 'शाम को 6 बजे अपनी गर्लफ्रेंड को फोन करके कहा कि वह जल्द ही घर वापस लौट आएगा। लेकिन आधे घंटे बाद ही उसका फोन पहुंच से बाहर आने लगा।'
रात के 8 बजे नाथ के कथित हमलावर ने उसकी गर्लफ्रेंड के
मोबाइल पर फोन किया और कहा कि हमने उसे मार दिया है। तुम इसकी खबर कल अखबार में पढ़ोगी। उसे दूसरा फोन कारबी आंग्लालांग पुलिस से मिला जिसने बताया कि वह मर चुका है। देर रात उसके शव को घर पर लाया गया। नम्रता ने कहा, 'अभिजीत बहुत ज्यादा बोलता नहीं था लेकिन वह सभ्य था। वह फूडी था और जानवरों के प्रति जुनूनी था। वह कैसे किसी बच्चे को चुरा सकता है। इस घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है और हजारों लोग उसके लिए न्याय मांग रहे हैं।'
अपने इकलौते बेटे की मौत की वजह से अजीत और शशिप्रवा नाथ बहुत दुखी हैं। उन्होंने बताया कि वह घर में राजाओं की तरह रहता था। उसका एक कमरा एक्वेरियम से भरा हुआ है। बहन नम्रता ने कहा मेरा भाई जल्द ही शादी करने वाला था। हमलावरों ने उसके चेहरे पर इतने चाकू मारे थे कि हम उसे पहचान तक नहीं पाए। इस मामले में पुलिस ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया है।