देश में कोरोना की दूसरी लहर व्यापक स्तर पर फैल रही है और कई जगहों से लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। गुजरात में भी कोरोना के दैनिक मामलों में कहर बरपाया हुआ है। गुजरात के अहमदाबाद में एशिया के सबसे बड़े सिविल अस्पताल में जगह कम पड़ गई है।
हर दिन इतने मरीज सामने आ रहे हैं कि 1,200 बिस्तरों वाला अस्पताल भी अब कम पड़ने लगा है। अहमदाबाद शहर के सारे अस्पताल भर गए हैं, जिसकी वजह से मरीज को कहीं और भी शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। सिविल अस्पताल की मौजूदा समय में स्थिति वो कल्पना से भी परे है।
मरीजों के साथ वेटिंग में खड़ी एंबुलेंस
अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के हालात इतने बदतर हैं कि मरीजों से भरी 70 एंबुलेंस अस्पताल के बाहर खड़ी हैं। यहां स्थिति इतना भयावह है कि कई मरीजों का इलाज तो अब एंबुलेंस में ही किया जा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अस्पताल प्रशासन यह तक नहीं बता पा रहा है कि इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जगह कब तक मुहैया कराई जा सकती है।
बुधवार को सात हजार से ज्यादा मामले सामने आए
गुजरात में भी कोरोना के दैनिक मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, यहां तक कि दैनिक मौतों का आंकड़ा हर रिकॉर्ड तोड़ रहा है। गुजरात में कोरोना से मरीजों की मौतों का आंकड़ा बहुत तेज गति से बढ़ रहा है। आलम यह है कि अस्पतालों और शमशानों के बाहर लंबी लाइनें लगी हुई हैं। गुजरात में सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट है। बुधवार को राज्य में 7,410 मामले सामने आए। यहां संक्रमितों की कुल संख्या 3,67,616 पर पहुंच गई है।
एक दिन में 73 लोगों की मौत
गुजरात में कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़ों की बात करें तो यहां पिछले 24 घंटे में 73 मरीजों ने अपना दम तोड़ा है। सबसे ज्यादा मौतें सूरत और अहमदाबाद में हुई हैं। राज्य में कोविड-19 से होने वाली मौतों का आंकड़ा अब पांच हजार के पार चला गया है। इसके अलावा राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या 39,250 है। मौजूदा समय में 254 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।