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Starlink: 'दूरदराज के रेलवे प्रोजेक्ट्स को मिलेगी मदद', अश्विनी वैष्णव बोले- मस्क की कंपनी का भारत में स्वागत

Thu, 13 Mar 2025 03:12 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की यह टिप्पणी मुकेश अंबानी की 'जियो प्लेटफॉर्म्स' और सुनील मित्तल की 'भारती एयरटेल' के साथ समझौतों के बाद आई है। ये समझौते मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा भारत में स्टारलिंक की ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं लाने के लिए किए गए हैं।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक का भारत में स्वागत किया। इस दौरान वैष्णव ने कहा कि कंपनी से दूरदराज के इलाकों में रेलवे परियोजनाओं को मदद मिलेगी। 

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वैष्णव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'स्टारलिंक, भारत में आपका स्वागत है! इससे दूरदराज के क्षेत्रों की रेलवे परियोजनाओं को मदद मिलेगी।'

वैष्णव, जो सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री भी हैं, की यह टिप्पणी मुकेश अंबानी की 'जियो प्लेटफॉर्म्स' और सुनील मित्तल की 'भारती एयरटेल' के साथ समझौतों के बाद आई है। ये समझौते मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा भारत में स्टारलिंक की ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं लाने के लिए किए गए हैं। ये दोनों डील महीनों से इस बात पर चल रही बहस के बाद हुई हैं कि मस्क के उद्यम को स्पेक्ट्रम अधिकार कैसे दिए जाने चाहिए।

ये भी पढ़ें: Starlink: भारत में कितनी होगी स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट की कीमत, जानें 5G से सस्ता होगा या महंगा?
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जियो-एयरटेल ने की थी स्पेक्ट्रम नीलामी की मांग
पिछले कुछ महीनों में, जियो और एयरटेल ने भारत में सैटेलाइट सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम देने के लिए नीलामी की मांग की थी, क्योंकि उन्हें चिंता थी कि प्रशासनिक आवंटन से मस्क को कम कीमत पर एयरवेव मिल जाएगी।

स्टारलिंक दुनिया का सबसे बड़ा लो-अर्थ-ऑर्बिट
जियो रिटेल आउटलेट और ऑनलाइन स्टोर में स्टारलिंक उपकरण पेश करेगा और ग्राहक इंस्टॉलेशन और एक्टिवेशन का समर्थन भी करेगा। जियो और स्पेसएक्स यह भी देखेंगे कि वे एक-दूसरे की पेशकश को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं। बता दें कि स्टारलिंक स्पेसएक्स द्वारा संचालित दुनिया का सबसे बड़ा लो-अर्थ-ऑर्बिट (LEO) तारामंडल है।

ये भी पढ़ें: Satellite Internet: Starlink सैटेलाइट की इंटरनेट स्पीड और औसत वाई-फाई स्पीड में कितना अंतर है?

भारती एयरटेल ने स्पेसएक्स से समझौता करने की घोषणा की
मंगलवार को, भारती एयरटेल ने घोषणा की कि वह गैर-अनन्य आधार पर भारत में स्टारलिंक की हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा लाने के लिए स्पेसएक्स के साथ समझौता कर रही है। एयरटेल पहले से ही दूसरे सबसे बड़े LEO तारामंडल यूटेलसैट वनवेब के साथ साझेदारी कर रही है।

इसके अलावा, जियो प्लेटफॉर्म्स का एक अन्य प्रमुख वैश्विक उपग्रह-आधारित कनेक्टिविटी प्रदाता SES के साथ संयुक्त उद्यम है। 

पीएम मोदी की मस्क से मुलाकात के बाद हुई डील
स्टारलिंक भारती और जियो को कम सेवा वाले क्षेत्रों, खासकर उन क्षेत्रों में जहां वर्तमान में सीमित या बिना कवरेज है, कनेक्टिविटी प्रदान करने में मदद कर सकता है। यह डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाशिंगटन में मस्क से मुलाकात के कुछ सप्ताह बाद हुई है। मोदी ने अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी।

एसआईए-इंडिया ने एयरटेल और जियो के साथ स्पेसएक्स की साझेदारी का स्वागत किया
इसके अलावा, सैटकॉम इंडस्ट्री एसोसिएशन-इंडिया (एसआईए-इंडिया) ने भी एयरटेल और रिलायंस जियो के साथ एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की रणनीतिक साझेदारी का स्वागत किया। एसआईए-इंडिया के महानिदेशक अनिल प्रकाश ने कहा, 'ये सहयोग ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करने में मदद करेंगे और बंदरगाहों, ग्रामीण उद्यमों, खनन, तेल क्षेत्रों, गांवों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (ईईजेड) जैसे उद्योगों में कनेक्टिविटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जहां उपग्रह प्रौद्योगिकी काफी लाभ पहुंचा सकती है।'
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उन्होंने आगे कहा कि ये साझेदारियां मौजूदा नेटवर्क के साथ मिलकर सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी, डिजिटल समावेशन को प्रोत्साहित करेंगी, और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ई-गवर्नेंस और कृषि जैसे क्षेत्रों में नए व्यावसायिक अवसर पैदा करेंगी।

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