देश का दूरसंचार उद्योग अब निवेश लाने और रोजगार पैदा करने वाला बन गया है। यह उद्योग दूरसंचार उपकरणों के अग्रणी निर्माता और निर्यातक के रूप में भी उभरा है। यही वजह है कि भारत से चालू वित्त वर्ष में 10 अरब डॉलर से अधिक के मोबाइल फोन निर्यात की उम्मीद है।
वैष्णव ने कहा, हमारा अगला मुख्य लक्ष्य दूरसंचार विधेयक को मानसून सत्र में पास कराना होगा। इसके जरिये स्पेक्ट्रम, लाइसेंस और नियमन में बड़े सुधार का रास्ता साफ होगा।
सात साल में 20 लाख नौकरियां
वैष्णव ने कहा, आईफोन बनाने वाली कंपनी एपल ने अकेले पिछले डेढ़ साल में एक लाख नई नौकरियां दी हैं। मोबाइल उपकरण निर्माताओं एवं उनके आपूर्तिकर्ताओं ने सात वर्षों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 20 लाख नौकरियां पैदा की हैं।
देश को वैश्विक वाहन विनिर्माण केंद्र बनाने की तैयारी : गडकरी
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा, सरकार भारत को वैश्विक वाहन विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। निकट भविष्य में घरेलू वाहन उद्योग 15 लाख करोड़ रुपये का होगा। उद्योग अभी जीडीपी में 7.1 फीसदी का योगदान देता है। यह क्षेत्र 2025 तक पांच करोड़ रोजगार देगा। गडकरी ने कहा, अनुमान है कि कबाड़ नीति से वाहनों की जो मांग पैदा होगी, उससे सरकार को 40,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जीएसटी राजस्व मिलेगा।