वाराणसी एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे।
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि इलाज पर भारी खर्च के कारण हर साल छह करोड़ परिवार गरीबी रेखा के नीचे चले जाते हैं। इसे रोकना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। आयुष्मान योजना के कारण अब लोगों को मुफ्त इलाज मिलना संभव हुआ है। इसके बाद ऐसे परिवारों की संख्या में कमी आई है लेकिन केंद्र सरकार का प्रयास है कि एक भी परिवार इलाज पर खर्च के कारण गरीबी रेखा के नीचे न जाए, सबको सही गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हों इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
रविवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए बक्सर सांसद अश्विनी चौबे ने कहा कि जेनेरिक दवाओं के प्रचार के कारण बीमारियों पर हो रहे इलाज के खर्च में कमी आई है। इसकी सफलता देखते हुए सरकार जेनेरिक दवाओं के प्रयोग को अधिक बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। सरकार का प्रयास कैंसर और किडनी से संबंधित बीमारियों के महंगे इलाज को भी लोगों के लिए सुलभ बनाना है क्योंकि महंगे इलाज के कारण इन बीमारियों के चलते कई परिवारों पर आर्थिक बोझ बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
अश्विनी चौबे ने कहा कि कुछ चीजों का कम खाना लोगों को बीमारियों की चपेट में आने से बचा सकता है। चीनी, नमक और तैलीय पदार्थ ऐसे ही खाद्य पदार्थ हैं जिनका कम उपयोग हमें बीमारियों की चपेट में आने से बचा सकता है, इसलिए इन चीजों की संतुलित मात्रा का ही इस्तेमाल करना चाहिए। पहले ही सतर्कता बरतकर हम बीमारियों की चपेट में आने से बच सकते हैं।