सिख धर्म के प्रवर्तक गुरु नानक जी के 550वें जन्मदिवस (इस वर्ष 12 नवंबर) पर पूरे देश में विशेष समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में लगभग सौ देशों के राजनयिक 22 अक्टूबर को अमृतसर में स्थित सिखों के पवित्र धर्मस्थल स्वर्णमंदिर का दर्शन करेंगे। वे यहां सामान्य लोगों की भांति पंगत में बैठकर लंगर भी खाएंगे। इसके अलावा विदेशी प्रतिनिधियों को सिख धर्म का महत्व समझाने के लिए सुल्तानपुर लोधी में विशेष 'शबद-कीर्तन' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
केंद्र से शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी, हरसिमरत कौर और कुछ अन्य शीर्ष नेता प्रतिनिधि मंडल के साथ जा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रतिनिधि मंडल से दिल्ली में मुलाकात कर सकते हैं।
कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार पूरी दुनिया में भारतीय धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है। इसके पहले कुंभ के विशेष आयोजन के दौरान भी पूरी दुनिया के शीर्ष राजनयिकों को प्रयाग और वाराणसी ले जाया गया था और उन्हें भारतीय संस्कृति के दर्शन करवाए गए थे। 22 अक्टूबर को आयोजित होने वाला दौरा भी उसी प्रकार का है।
गुरु नानक देव (Guru Nanak Dev) जी का जन्म आज से साढ़े पांच सौ साल पहले वर्ष 1469 में भारतीय तिथि के मुताबिक कार्तिक माह की पूर्णमासी को ननकाना साहिब (अब पाकिस्तान में) नामक स्थान पर हुआ था। इस वर्ष यह तिथि 12 नवंबर को पड़ रही है। वे सिख धर्म के पहले गुरु भी माने जाते हैं। सिख धर्म के अनुयायी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। अमृतसर का स्वर्णमंदिर (Golden Temple) धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत महत्व रखता है, इसीलिए केंद्र और पंजाब सरकार इस तिथि को बेहद धूमधाम से मना रहे हैं।