जोधपुर सेंट्रल जेल में यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। जोधपुर जिला पैरोल कमेटी ने आसाराम की पैरोल याचिका खारिज कर दी है। आसाराम की ओर से हाल ही में उसके भांजे ने पैरोल के लिए अर्जी लगाकर 20 दिन की पैरोल मांगी थी।इससे पहले भी नवंबर 2018 में जोधपुर जिला पैरोल समिति ने आसाराम की 20 दिनों की पैरोल याचिका खारिज कर दी थी।
बता दें कि पिछले साल अप्रैल में जोधपुर की अदालत ने आसाराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने आसाराम आश्रम की वार्डन शिल्पी और उनके सहयोगी शरद को भी 20-20 साल कैद की सजा सुनाई थी।
नाबालिग लड़की के साथ रेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वंयभू संत आसाराम को जोधपुर जिला पैरोल समिति ने एक बार फिर झटका दिया है। आसाराम की 20 दिनों की पैरोल याचिका एक बार फिर से खारिज कर दी गई है। इससे पहले राजस्थान हाई कोर्ट ने भी 19 दिसंबर 2018 को 20 दिनों की पैरोल याचिका खारिज की थी। वहीं नवंबर 2018 में जोधपुर जिला पैरोल समिति ने आसाराम की 20 दिनों की पैरोल याचिका खारिज की थी।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली पीड़िता मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। जहां किशोरी द्वारा दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के बाद 2013 में आसाराम को गिरफ्तार किया गया था। फैसले के बाद पीड़िता के पिता ने कहा था कि हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और हमें खुशी है कि न्याय मिला।