असम विधानसभा का चुनाव रोमांचक दौर में पहुंच गया है। 13 अप्रैल को 61 सीटों पर होने वाली वोटिंग पर राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों की निगाहें हैं। दूसरे चरण से ही तय होगा कि सूबे में किस दल की सरकार बनेगी।
यही वजह है कि दोनों दलों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी रैलियों को संबोधित किया। तो शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा उम्मीदवारों के लिए चार चुनावी रैलियां करेंगे। वोट की अपील से पहले पीएम मोदी शुक्रवार सुबह गुवाहाटी पहुंच कर कामाख्या देवी के दर्शन करेंगे।
भाजपा को हिंदू मतों के ध्रुवीकरण से उम्मीद
दूसरे चरण में भाजपा की उम्मीद हिंदू मतों के ध्रुवीकरण और मुस्लिम मतों के बिखराव पर है। पीएम के कामाख्या दर्शन को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि शुक्रवार को पहला नवरात्र है और मोदी देवी की भक्ति करते हैं।
दूसरे चरण के प्रचार में भाजपा का सबसे ज्यादा जोर बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर है। पार्टी ने बदरुद्दीन अजमल पर भी हमले तेज कर दिये हैं। भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा है कि सत्र (मंदिर) और आदिवासियों की जमीन को कब्जे से मुक्त कराएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को बढ़ावा देकर पाप किया है। उन्होंने अजमल और कांग्रेस के बीच सांठगांठ का आरोप भी लगाया।