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हिंदुत्व के फैसले से टकरा रहा है SC का आदेश: ओवैसी

Tue, 03 Jan 2017 02:47 AM IST
एजेंसी/ औरंगाबाद 
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असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : amar ujala
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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि धर्म के नाम पर वोट मांगने को भ्रष्ट आचरण करार देने संबंधी सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिंदुत्व को ‘जीने का तरीका’ बताने के सुप्रीम कोर्ट के ही एक पूर्व फैसले से टकरा रहा है। 
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ओवैसी ने कहा कि हिंदुत्व को ‘जीने का तरीका’ संबंधी फैसला जस्टिस जेएस वर्मा ने 1995 में मनोहर जोशी के मामले में दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले में इस बात पर गौर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसका फायदा उठाकर यह कह सकते हैं कि वे धर्म नहीं, बल्कि जीने के तरीके के आधार पर वोट मांग रहे हैं। 


 
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष आधार की जीत

सुप्रीम कोर्ट का आदेश लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष आधार की जीत
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष आधार की जीत करार दिया है। माकपा नेता ने ट्वीट में कहा कि राजनीति से धर्म और सांप्रदायिक पहचान को निकाल बाहर किया जाना जरूरी है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला काफी महत्वपूर्ण है। 

वोट को धर्म से अलग करना सकारात्मक कदम
भाकपा के राष्ट्रीय सचिव डी. राजा ने धर्म के नाम पर वोट मांगने को भ्रष्ट आचरण करार देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में जाति और भाषा की व्याख्या काफी बारीकी से की जानी चाहिए। साथ ही राजा ने आशंका जताई है कि कुछ लोग मौजूदा फैसले की काट के रूप में हिंदुत्व के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
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