अम्बुर की सात साल की एक बच्ची सोमवार को अपने पापा के खिलाफ पुलिस के पास पहुंच गई क्योंकि वह घर में शौचालय नहीं बना रहे हैं। जबकि उन्होंने वादा किया था कि कक्षा में प्रथम स्थान हासिल करने पर वह शौचालय बनाएंगे। दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली ई हनीफा जारा ने कहा, 'उन्होंने दो साल पहले मुझसे शौचालय बनाने का वादा किया था। लेकिन उन्होंने इसे आज तक नहीं बनाया। मैं बड़ी हो रही हूं और खुले में शौच जाने पर मुझे शर्मिंदगी महसूस होती है। इसलिए मैं अपने पिता के खिलाफ शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंची हूं।'
अपनी शिकायत में लड़की का कहना है कि उसके पिता ने वादा किया था कि यदि वह कक्षा में पहला स्थान हासिल करेगी तो वह शौचालय का निर्माण करेंगे। यह वादा उन्होंने तब किया था जब बच्ची एलकेजी में पढ़ती थी और अब वह दूसरी कक्षा में पढ़ती है। वह हमेशा कक्षा में पहले नंबर पर आई लेकिन उसके पिता ने अपना वादा नहीं निभाया। लड़की ने मांग की है कि या तो उसके पिता लिखित में आश्वासन दें फिर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
अम्बुर की महिला पुलिस स्टेशन की सब इंस्पेक्टर ए वलारमाठी ने कहा कि बच्ची सबूत के तौर पर अपने 20 मेडल और सर्टिफिकेट लेकर आई थी। उन्होंने बताया, 'उसने अपनी परेशानी बताई। मैंने तुरंत स्वच्छता कार्यालय से संपर्क किया और उनसे शौचालय बनाने के लिए परिवार की मदद करने के लिए कहा।' जारा के 31 साल के पिता इसानुल्लाह को उस समय कोई अनुमान नहीं था जब दोपहर के 3.30 बजे पुलिस स्टेशन से उन्हें वहां पहुंचने के लिए फोन आया।
इसानुल्लाह ने कहा, 'मैं उस समय बहुत डर गया जब एक महिला ने मुझे तुरंत पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा। जैसे ही मैं पुलिस स्टेशन पहुंचा वहां मैंने अपनी बेटी और पत्नी को देखा। मैं बहुत परेशान हो गया। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने मुझे पूरी घटना बताई और कहा कि मैं अपनी बेटी को मनाकर उसे घर ले जाउं।' अपनी बड़ी बेटी जारा के इस कदम से इंसानुल्लाह काफी गर्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने उसे सिखाया था कि यदि कोई भी परेशानी आए तो पुलिस के पास जाए और निर्भिक बने।'