महाराष्ट्र सरकार की तरफ से जारी शासनादेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार के संबंधित मामलों की पैरवी करने के लिए अरविंद सावंत की अध्यक्षता में सांसदों की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। बीते 27 जनवरी को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई सांसदों की बैठक में इस संदर्भ में यह निर्णय लिया गया था, जिसके तहत अरविंद सावंत को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।
शासनादेश में लिखा गया है कि सावंत को कामकाज के लिए नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में कार्यालय एवं वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार की तरफ से मंत्री को मिलने वाला बेतन भत्ता आदि भी देय होगा। गौरतलब है कि बीते नवंबर महीने में भाजपा-शिवसेना युति (गठबंधन) टूटने पर अरविंद सावंत ने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
महाराष्ट्र में तीन दलों की सरकार होने के कारण मंत्री पद से वंचित रह गए लोगों को शिवसेना पिछले दरवाजे से मंत्री की सुविधाएं उपलब्ध कराने का सिलसिला शुरू किया है। फडणवीस सरकार में राज्यमंत्री रहे रविन्द्र वायकर को इसी तरह से सेट किया गया। वायकर को मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्य समन्वयक बनाकर मंत्री का दर्जा दिया गया है।