पश्चिम अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों में सोमवार मध्यरात्रि को भारी वर्षा के कारण 763 बीआरटीएफ (बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स) के कार्यक्षेत्र में कुल सात भूस्खलन हुए। ये भूस्खलन एलडीवाई, डीएसएलसी और बीसीटी सड़कों पर हुए, जिससे 12,000 से 15,000 फीट की ऊंचाई वाले इलाकों में यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
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763 बीआरटीएफ के कर्मियों ने चलाया अभियान
गुवाहाटी में भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, प्रतिकूल मौसम और ऊंचाई की चुनौतियों के बावजूद बीआरओ के 763 बीआरटीएफ के कर्मियों ने तत्काल बहाली अभियान शुरू किया। रातभर भारी मशीनरी और मानवशक्ति लगाकर मलबा हटाने, गिरे पेड़ों को साफ करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का कार्य किया गया।
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बीआरओ ने बहाल किया सड़क संपर्क
उन्होंने बताया कि बीआरओ के समर्पित प्रयासों से जल्द ही सड़क संपर्क बहाल कर लिया गया, जिससे फंसे हुए आम नागरिकों को राहत मिली और आवश्यक वस्तुओं व सैन्य साजो-सामान की आवाजाही सुनिश्चित हो सकी। बीआरओ अपने आदर्श वाक्य श्रमेण सर्वं साध्यम् के प्रति प्रतिबद्ध है और इस दुर्गम क्षेत्र में संचार की महत्वपूर्ण लाइनों को सुचारु बनाए रखने के लिए निरंतर कार्यरत है।
कई राज्यों में मौसम विभाग ने जारी किया अनुमान
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, इन मौसमी बदलावों के चलते उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का असर सबसे ज्यादा रहेगा। 2 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से लेकर दिल्ली-एनसीआर और यूपी तक के कुछ इलाकों में बारिश देखी गई। इसके बाद 8 सितंबर तक अलग-अलग राज्यों में बारिश का अनुमान है। जिन राज्यों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, उनमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड में खराब मौसम की चेतावनी दी गई है।