अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम विधानसभा चुनावों के नतीजे आज आ जाएंगे। अरुणाचल में 60 तो सिक्किम में 32 विधानसभा की सीटें हैं। दोनों ही राज्यों में मतगणना शुरू हो गई है। इन दोनों राज्यों में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा के लिए वोट डाले गए थे। लोकसभा चुनाव के नतीजे 4 जून को ही घोषित होंगे।
अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। खांडू अगर जीतते हैं तो वह लगातार तीसरी बार सरकार बनाएंगे। पेमा समेत 10 प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। ये सीटें बोमडिला, चौखम, ह्युलियांग, ईटानगर, मुक्तो, रोइंग, सागली, ताली, तालिहा और जीरो-हापोली हैं। ऐसे में यहां मात्र 50 सीटों पर ही वोटों की गिनती होगी। राज्य में भाजपा का मुख्य मुकाबला कांग्रेस से है। भाजपा ने सभी 60 तो कांग्रेस ने केवल 19 सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस बार अरुणाचल प्रदेश में पिछली बार के मुकाबले मामूली मतदान प्रतिशत बढ़ा। 2024 में 82.95 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 2019 में यह 82.17 प्रतिशत था।
पिछली बार भाजपा ने जीती थीं 41 सीटें
2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 41 सीटें जीती थीं और पेमा खांडू दोबारा मुख्यमंत्री बने थे। कांग्रेस ने केवल 4 सीटें जीतीं, जबकि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और एनपीपी ने क्रमशः 7 और 5 सीटें जीती थी। इससे पहले 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा केवल 11 सीटें जीतने में सफल रही। पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) ने 5 सीटें जीतीं लेकिन राजनीतिक उठा-पटक के बाद जुुलाई, 2016 में पेमा खांडू पहली बार अरुणाचल के सीएम बने थे।
सिक्किम: एसकेएम-एसडीएफ में सीधा मुकाबला
सिक्किम की 32 विधानसभा सीटों के नतीजे दोपहर तक आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) अभी सत्ता में है। एसकेएम का सीधा मुकाबला सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) से है। यहां भाजपा और कांग्रेस भी हैं। इनकी मौजूदगी नाममात्र की है। प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले), पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग (एसडीएफ), भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया, प्रेम सिंह तमांग की पत्नी कृष्णा कुमारी राई, पवन कुमार चामलिंग के छोटे भाई रूप नारायण चामलिंग हैं। प्रेम सिंह तमांग और पवन कुमार चामलिंग दो-दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में इस बार 79.88 फीसदी वोट पड़े जबकि 2019 में 81.43 प्रतिशत मतदान हुआ था।
24 साल से काबिज चामलिंग को हराकर तमांग बने थे सीएम...
प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व वाले एसकेएंम ने 2019 में 24 साल 5 महीने और 15 दिन तक काबिज रही पवन कुमार चामलिंग की पार्टी को हराकर सरकार बनाई थी। एसकेएम ने 17 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया जबकि एसडीएफ 15 सीटों पर सिमट गई थी। 2014 के चुनाव में एसडीएफ ने 22 सीटें जीतीं और पवन कुमार चामलिंग लगातार पांचवीं बार सीएम बने थे।