भाजपा ने कांग्रेस पर महाभियोग जैसी शक्ति का न्यायपालिका को धमकाने के लिए सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि यह एक जज को धमकाने और अन्य जजों को संदेश देने का प्रयास है कि अगर आप हमसे सहमत नहीं हैं तो आपसे बदला लेने के लिए 50 सांसद पर्याप्त हैं।
वित्त मंत्री ने इसे बेहद खतरनाक कदम भी बताया और महाभियोग जैसी शक्ति का सियासी इस्तेमाल के खतरों के प्रति भी आगाह किया। इस क्रम में उन्होंने जस्टिस लोया की मौत के मामले में आए फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने अपने 114 पेज के फैसले के जरिए सियासी प्रचार पाने के लिए झूठ पैदा करने और साजिश रचने के हर तथ्य को उजागर करके रख दिया। बकौल जेटली यह सबको पता है कि सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामला दरअसल कुछ केंद्रीय जांच एजेंसियों की आपसी मुठभेड़ का नतीजा थी, जिसका भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से कोई लेना देना नहीं था।
जेटली ने इस दौरान जस्टिस लोया की मौत के मामले में किए गए दुष्प्रचार का भी मामला उठाया। उन्होंने कहा कि साजिश रचने के लिए कुछ पूर्व न्यायाधीशों, वरिष्ठ वकीलों ओर कुछ राजनीतिक दलों की ऐसी निर्लज्जता पहले कभी सामने नहीं आए। जेटली ने कहा कि महाभियोग की शक्ति बेहद अहम है। इसके दुरुपयोग से संवैधानिक संस्थाओं पर प्रतिकूल असर होगा। कांग्रेस ऐसा कर सार्वजनिक संस्थाओं को खत्म करने पर तुली हुई है।