पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली इस समय दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हैं। सूत्रों का कहना है कि उनकी हालत काफी गंभीर है। इसी बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके स्वास्थ्य का हालचाल लेने के लिए शुक्रवार को एम्स पहुंचे।
राष्ट्रपति जहां दिन में अस्पताल पहुंचे। वहीं शाह और आदित्यनाथ रात के 11.15 बजे एम्स पहुंचे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी उनके साथ मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार 66 साल के जेटली की हालत गंभीर है और बहु विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनके इलाज की देखरेख कर रही है। वह अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं।
एम्स ने जेटली के स्वास्थ्य को लेकर 10 अगस्त से अब तक कोई बुलेटिन जारी नहीं किया है। जेटली को नौ अगस्त को सांस लेने की परेशानी और बेचैनी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले इसी साल मई में जेटली को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था।
पेशे से वकील जेटली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान एक अहम जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने रक्षा और वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला है। उन्होंने कई बार सरकार के लिए संकटमोचक का भी काम किया। अपनी खराब सेहत के कारण जेटली ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा।
पिछले साल 14 मई को एम्स में उनके गुर्दे का प्रत्यारोपण हुआ था। जिसकी वजह से रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त भार दिया गया था। पिछले साल अप्रैल से उन्होंने दफ्तर आना बंद कर दिया था लेकिन वह 23 अगस्त, 2018 को अपने कार्यालय वापस लौटे थे। सितंबर 2014 में उनकी बेरियाट्रिक सर्जरी हुई थी।