मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के रिश्तेदार रतुल पुरी ने शनिवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में वह जांच में शामिल होने को इच्छुक हैं। साथ ही उन्होंने अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को रद्द करने की मांग की।
पुरी ने विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार से कहा कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय को कुछ ई-मेल लिखकर जांच में शामिल होने की इच्छा जताई लेकिन एजेंसी ने जवाब नहीं दिया। रतुल पुरी के वकील विजय अग्रवाल ने अदालत से कहा कि आपने पुरी खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया क्योंकि वह जांच में शामिल नहीं हो रहे थे। लेकिन अब ईडी उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नहीं बुला रहा है। एनबीडब्ल्यू रोकने के लिए हमें अदालत के निर्देश की जरूरत है।
पुरी ने अदालत को सूचित किया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है। बहरहाल, ईडी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इसका एकमात्र उद्देश्य भ्रम पैदा करना है।
प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि हम एनबीडब्ल्यू पर रोक लगाने का विरोध करते हैं। कई याचिकाएं दायर कर भ्रम पैदा किया जा रहा है। रतुल पुरी ने जांच में शामिल होने के लिए 15 अगस्त को ई-मेल किया। अब हम इस पर विचार करेंगे। जांच में शामिल होने के लिए हमने उन्हें लगातार फोन किया लेकिन वह नहीं आए।
अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 19 अगस्त तय की है। ईडी ने कहा कि सुनवाई की अगली तारीख पर वह याचिका पर विस्तृत जवाब पेश करेगा।