पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को धड़कन तेज होने और बेचैनी की शिकायत के बाद शुक्रवार को एम्स में भर्ती कराया गया। उन्हें फिलहाल निगरानी में रखा गया है। अस्पताल के सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे जेटली का हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे हैं।
सूत्रों ने बताया कि जेटली (66) को सुबह करीब 10 बजे कार्डियो-न्यूरो सेंटर में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया, वह आईसीयू में निगरानी में हैं। एंडोक्रायनोलॉजिस्ट, हृदयरोग और गुर्दा रोग विशेषज्ञों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। इसी साल मई में भी उपचार के लिए जेटली को एम्स में भर्ती कराया गया था।
पेशे से वकील जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली पहली राजग सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जेटली ने अपने स्वास्थ्य कारणों से 2019 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा। पिछले वर्ष 14 मई को जेटली का किडनी प्रतिरोपण हुआ था। अप्रैल 2018 से ही उन्होंने कार्यालय आना बंद कर दिया था और 23 अगस्त, 2018 को वित्त मंत्रालय में लौटे थे।
बता दें कि पिछले काफी समय से अरुण जेटली अस्वस्थ चल रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने मोदी सरकार की दूसरी कैबिनेट में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इसको लेकर अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी। अरुण जेटली ने उस चिट्ठी को ट्विटर पर भी शेयर किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि 'पिछले 18 महीने से मैं बीमार हूं। मेरी तबीयत खराब है, इसलिए मुझे मंत्री न बनाने पर विचार करें।'