शाह ने कहा, चुनाव से पहले 30,000 पैक्स का कम्प्यूटरीकरण हो जाएगा। पिछले साल जून में, आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने 2,516 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ इन पैक्स के कम्प्यूटरीकरण को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य पैक्स की दक्षता बढ़ाना, उनके संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। इससे पैक्स को अपने व्यवसाय में विविधता लाने और कई गतिविधियां/सेवाएं शुरू करने में भी मदद मिलेगी।
शाह ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि मॉडल उपनियम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा लागू किए गए हैं, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल के हों। उन्होंने कहा कि इन मॉडल उपनियमों को अपनाने से पीएसी अब नए क्षेत्रों में विविधता ला सकती है।
इस पहल पर शाह ने कहा कि नई क्षमता के निर्माण से किसान अपने उत्पादन का 100 प्रतिशत भंडारण कर सकेंगे। उन्होंने कहा, भारत को छोड़कर अन्य देशों में भंडारण क्षमता उत्पादन से अधिक है। भंडारण की जिम्मेदारी अब तक भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) उठाता रहा है।
शाह ने कहा, पैक्स में स्थापित गोदाम किसानों के लिए सभी आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराएंगे। सहयोग मंत्रालय के गठन के बाद सिर्फ 35 महीनों में 50 से अधिक पहल की गई हैं।