भारतीय सेना 12,000 करोड़ के एक नए प्रोजेक्ट पर काम करने वाली है। जिसमें सेना मेक इन इंडिया के तहत 6.5 लाख नई असॉल्ट राइफल्स की खरीद करेगी। इसके लिए शुक्रवार को सेना ने 7.62x31 स्क्वेयर मिमी कैलिबर असॉल्ट राइफल्स की खरीद के लिए रिक्वेस्ट फॉर इन्फर्मेशन भी जारी किया है। इस राइफल की खासियत है कि यह 300 मीटर की रेंज तक मार कर सकती है। बता दें इन राइफलों को ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड और प्राइवेट कंपनियों द्वारा तैयार किया जाएगा।
विदेश से खरीदने के प्रस्ताव को भी दी मंजूरी
इसी साल की शुरुआत में रक्षा मंत्रालय ने 72,400 असॉल्ट राइफल्स तो विदेश से खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इनकी लागत 1,798 करोड़ रुपये है। इनकी खासियत है कि यह लंबी दूरी की मार करने वाली राइफलें हैं जो कि चीन और पाकिस्तान की सीमा पर तैनात सैनिकों को मिलेंगी। इससे देश की रक्षा पहले से भी अधिक मजबूत हो जाएगी। वहीं अन्य सैनिकों को भी ऐसी ही कम रेंज वाली राइफलें दी जाएंगी।
8.16 लाख कैलिबर असॉल्ट राइफल्स की है जरूरत
जानकारी के मुताबिक सेना, नेवी और भारतीय वायुसेना को कुल 8.16 लाख कैलिबर असॉल्ट राइफल्स की जरूरत है। हाल ही में आर्मी चीफ बिपिन रावत ने भी कहा था कि 12 लाख की सेना को ये महंगी राइफलें नहीं दी जा सकतीं क्योंकि बजट का अभाव है। लेकिन जहां तक इन हाइटेक राइफल्स का सवाल है तो ये केवल इन्फैंट्री बटालियनों में तैनात सैनिकों को ही दी जाएंगी। साथ ही ऐसी राइफलें बड़ी संख्या में मेक इन इंडिया प्रॉजेक्ट के तहत ही तैयार की जाएंगी।