24 फीट गहरे बोरवेल में गिरी डेढ़ साल की बच्ची खुशी को बचाया नहीं जा सका
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उत्तर प्रदेश के नवाबगंज में 24 फीट गहरे बोरवेल में गिरी डेढ़ साल की बच्ची खुशी को बचाया नहीं जा सका। टीबी हॉस्पिटल के सामने बच्ची के बोरवेल में गिरने का पता चलते ही जिला प्रशासन, सेना की रेस्क्यू टीम, बरेली से आई नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। काफी जद्दोजहद के बीच 9 घंटे बाद शाम 5.30 बजे बच्ची को बाहर निकाला जा सका। उसे तत्काल हैलट पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की मौत बोरवेल में गिरने के डेढ़-दो घंटे बाद ही हो गई थी।
गोंडा के खोड़ारे थानाक्षेत्र के सवना गांव निवासी रामकेवल कुशवाहा नवाबगंज टीबी हॉस्पिटल के सामने स्थित बस्ती में परिवार के साथ रहता है। उसका बड़ा भाई सोनू होली पर अपनी पत्नी श्यामा और तीन बच्चों को उसके यहां छोड़कर गांव चला गया। रविवार सुबह श्यामा बच्चों के साथ बस्ती के पास स्थित खाली जगह पर गई थी। खुशी वहां से दौड़ते हुए बस्ती की ओर लौट रही थी। तभी वह बोरवेल में गिर गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन, सेना की स्पेशल रेस्क्यू फोर्स और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान चलाया।
डॉक्टरों की टीम ने बोरवेल में पाइप डालकर लगातार ऑक्सीजन पहुंचाई। नगर निगम की तीन जेसीबी मशीनों से बोरवेल के समानांतर खुदाई की गई। दोपहर बाद बरेली से हेलीकॉप्टर से नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) आई और पोकलैंड मशीन मंगवाकर खुदाई की। फिर सेना की टीम ने हाथ से खुदाई की और उस स्थान तक पहुंची, जहां बच्ची फंसी थी। बच्ची को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी।