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आर्मी करेगी आदर्श सोसाइटी घोटाले में अपने अफसरों की जांच

Wed, 20 Jul 2016 10:46 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला,दिल्ली
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आदर्श सोसाइटी घोटाले में आरोपी पूर्व जनरलों की आर्मी जांच करेगी। सूत्रों के अनुसार इसके लिए एक मेजर जनरल को पीठासीन अधिकारी के रूप में और दो ब्रिगेडियर को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।
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तीनों अधिकारी दक्षिणी कमांड के हैं लेकिन जांच के लिए वे मुंबई जाएंगे। आर्मी ने यह कदम बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका के बाद लिया है। अप्रैल में आदर्श कोओपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी को तोड़ने के आदेश के बाद रक्षा मंत्रालय ने भी अपने अधिकारियों द्वारा की गई गड़बड़ियों की जांच के आदेश दिए थे।

जांच में यह भी देखा जाएगा कि फ्लेट अलॉमेंट में कोलाबा मिलिट्री स्टेशन की सुरक्षा को लेकर तो कोई समझौता नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने अपने ऑर्डर में रक्षा मंत्रालय से भी मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा की गई खामियों की भी जांच करने के लिए कहा था।
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हाईकोर्ट ने निर्देश देते हुए कहा कि मेजर जनरल ए आर कुमार, मेजर जनरल वी एस यादवक, मेजर जनरल टी के कौल, मेजर जनरल तजेंदर सिंह और मेजर जनरल आर के हुड्डा  की फल्टे अलॉटमेंट के बदले किए गए समौतों की भी जांच करें।
 
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2003 में आदर्श बिल्डिंग की ऊंचाई को लेकर आपत्ति दर्ज की गई थी।

- फोटो : bbc
सेना के वकील ने कोर्ट को बताया 1999 से जुलाई 2013 तक महाराष्ट्र, गुजरात, और गोवा के जीओसी आदर्श सोसाइटी के मेंबर थे। वकील ने कहा,'उस समय तक आदर्स बिल्डिंग की सुरक्षा को लेकर किसी को कोई आपत्ति नहीं थी।' आदर्श सोसाइटी घोटाला मामाल पहली बार 2003 में सामने आया था।

2003 में आदर्श बिल्डिंग की ऊंचाई को लेकर आपत्ति दर्ज की गई थी। यह सोसाइटी कार्गिल युद्ध में मारे गए जवानों के परिवारों के लिए थी। और इस सोसाइटी के मेंबर मिलट्री ऑफिसर, राजनेता, और नौकरशाह थे।

जांच में उस समय के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का भी नाम आया था। उन पर अपने रिश्तेदारों को फ्लेट अप्रूवल करने का आरोप लगा था। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने मुख्यमंत्री पर से इस्तीफा दे दिया था।
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