उग्रवादियों और देश में माहौल बिगाड़ने वालों को समझ लेना चाहिए की उनकी करतूतों का जवाब उन्हें लाठी से नहीं बल्कि गोली से ही मिलेगा। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सख्त लहजे में कहा है कि सेना अगर हालात पर काबू करने के लिए लगाई जाएगी तो वह लाठियां नहीं भांजेगी, गोलियां ही चलाएगी।
रक्षा मंत्री का यह बयान सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि नॉर्थ-ईस्ट में लगातार स्पेशल आर्म्ड फोर्सेस का लगा रहना सरकार और प्रशासन की नाकामयाबी है।
पर्रिकर ने कहा कि वे लोगों को हालात बिगाड़ने देना नहीं चाहते हैं, इसलिए जहां भी हालात काबू करने के लिए सेना लगाई जाएगी, उसे शक्ति से निपटना ही होगा, नहीं तो सेना लगाने का कोई औचित्य नहीं है।