इससे पहले भारतीय सेना ने कल (गुरुवार) को भारत सरकार द्वारा रक्षा बलों को दी गई आपातकालीन खरीद शक्तियों के तहत फास्ट-ट्रैक प्रक्रियाओं के जरिए तहत 120 लॉयटरिंग म्यूनिशंस यानी सुसाइड ड्रोन के साथ हवा में मार करने में सक्षम प्रणाली के 10 सेट की खरीद के लिए निविदा जारी की है। भारतीय सेना के एक अधिकारी ने इसके बारे में जानकारी दी। इससे पहले सेना ने 750 ड्रोन्स की खरीद के लिए एक निविदा जारी की है।
वहीं, कुछ दिनों पहले 1,000 निगरानी कॉप्टरों की खरीद के लिए भी निविदा जारी हुई थी। साथ ही सेना ने चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए रिमोट से चलने वाली 80 मिनी विमान प्रणाली की खरीद के लिए भी टेंडर जारी किए थे।
वायुसेना प्रमुख ने कही यह बात
इस बीच एक अन्य कार्यक्रम में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने विमान और प्रणाली परीक्षण प्रतिष्ठान (एएसटीई) से भारतीय एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र में अभूतपूर्व वृद्धि का फायदा उठाने के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एएसटीई ने युद्धक उपकरणों और कर्मियों के संबंध में डिजाइन, विकास, परीक्षण, मूल्यांकन, संचालन और प्रशिक्षण के पूरे आयाम में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य किया है। अब उद्योग, प्रमाणित (उड़ान परीक्षण) समुदाय और अंतिम उपयोगकर्ताओं के साथ समेकित रूप से एकीकृत करने के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने का समय है।